मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर में डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को पैसे देकर अनुबंध किया है. क्यूआरटी के एक सदस्य का कहना है, ”लगभग 60 डॉक्टरों ने अपनी सुरक्षा के लिए और हिंसा को रोकने के लिए क्यूआरटी की स्थापना की है. हमें शहर में तीन स्थानों पर तैनात किया गया है. हमारे पास 15-20 मोटरबाइक हैं.”
जानकारी के मुताबिक, शहर के डॉक्टरों की सुरक्षा अब 60 सिक्योरिटी गार्ड करेंगे. शहर के 60 नर्सिंग होम संचालकों ने सिक्योरिटी दस्ते को नियुक्त किया है. यह दस्ता नर्सिंग होम में तोड़फोड़ होने पर वहां पहुंच कर असामाजिक तत्वों से निबटेगा. पहले कुछ डॉक्टरों ने छोटे स्तर पर सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति की थी, लेकिन कोलकाता में डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद कई नर्सिंग होम संयुक्त पहल में शामिल हुए हैं. यह दस्ता बारी-बारी से एक से दूसरे नर्सिंग होम में ड्यूटी करेगा, लेकिन जब घटना की सूचना मिलेगी, तो यह दस्ता वहां पहुंच जायेगा. शहर के डॉक्टर सिक्योरिटी जत्थे को और विस्तारित करने की योजना बना रहे हैं. इसके लिए ऐसे सभी नर्सिंग होम और क्लिनिकों से संपर्क किया जा रहा है, जिनके यहां सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है. जितने नर्सिंग होम और क्लिनिक इसमें शामिल होंगे, उन्हें एक सिक्योरिटी गार्ड का खर्च देना होगा. शहर के बाद मोतिहारी के डॉक्टर भी सिक्योरिटी जत्था बना रहे हैं. आइएमए के डॉ संजय कुमार ने कहा कि सिक्योरिटी जत्था होने से नर्सिंग होम और डॉक्टरों की सुरक्षा होगी. असामाजिक तत्वों से निबटने के लिए एक बार जब 60 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड पहुंचेंगे, तो तोड़फोड़ करनेवालों का हौसला पस्त होगा. क्यूआरटी में ज्यादातर लोग सेना और अर्द्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवान हैं.
