मुजफ्फरपुर : सरकारी बिजली कंपनी एनबीपीडीसीएल द्वारा निजी एजेंसी द्वारा विभिन्न पीएसएस में प्रतिनियुक्त 29 स्विच ऑपरेटर को सेवामुक्त करने के जारी आदेश के बाद वे आंदोलन के मूड में आ गये हैं.
इसको लेकर निजी कर्मियों ने शुक्रवार को आरडीएस कॉलेज मैदान में बिहार स्टेट इलेक्ट्रीक सप्लाई वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष भरत झा की अध्यक्षता में बैठक की.
साथ ही इस संबंध में उप श्रामायुक्त के यहां शिकायत दर्ज करायी. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि रिक्त पदों के रहते इन कर्मियों की छंटनी हुई, तो हटाने से पहले ही किसी भी समय निजी स्विच ऑपरेटर व लाइनमैन हड़ताल पर चले जायेंगे.
यूनियन नेता भरत झा ने कहा कि जरूरत पड़ी तो हड़ताल में सरकारी लाइनमैन भी शामिल होंगे. बैठक में कहा गया कि सभी कर्मी 30 दिन काम करते हैं और वेतन 26 दिन का दिया जाता है.
26 मार्च को कार्यपालक अभियंता द्वारा 15 स्विच ऑपरेटर को 26 अप्रैल से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी हुआ है. इसका विरोध करते हुए कहा कि अभी कंपनी में 40 हजार से अधिक पद खाली हैं.
ऐसे में कार्यरत स्विच ऑपरेटर को हटना उचित नहीं है. यह श्रम कानून का उल्लंघन है. इनका वेतन भुगतान भी तीन से चार महीने पर किया जाता है. ये लोग छह साल से काम कर रहे हैं. इन्हें हटाया जाता है तो इनका पूरा परिवार सड़क पर आ जायेगा.
