मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर : मंदिरों व बेकार इमारतों में लगे स्मार्ट प्लेट की नहीं होगी गणनाके तर्ज पर गया नगर निगम का भी राजस्व बढ़ाने के लिए वर्ष 2016-17 में मैप माई इंडिया नाम की संस्था ने गया नगर निगम क्षेत्र में नये सिरे से होल्डिंग का सर्वे किया था. संस्था ने नगर निगम के कई वार्डों में स्मार्ट प्लेट लगाया था. इसके पीछे उद्देश्य यह था कि शहर के सभी आवासों का डाटा ऑनलाइन हो जाये. दावा था कि नये सिरे से हुई होल्डिंग से नगर निगम का राजस्व चार गुना बढ़ जायेगा.
संस्था ने स्मार्ट प्लेट घरों के अलावा मंदिरों व कई खंडहर इमारतों पर भी चस्पा कर दिया था. इससे शहर में होल्डिंग की संख्या में बढ़ोतरी तो हो गयी, लेकिन अनुमान के मुताबिक राजस्व संग्रह नहीं हो सका. स्पायरो सॉफ्टेक अब नये सिरे से होल्डिंग का सर्वे करा रही है.
मंदिरों व बेकार इमारतों पर लगाये गये स्मार्ट प्लेट को होल्डिंग में नहीं गिना जायेगा. एजेंसी के मुन्ना कुमार ने कहा कि नगर निगम के सभी 53 वार्डों में दो से तीन हजार स्मार्ट प्लेट होल्डिंग में नहीं काउंट होंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा 70 हजार होल्डिंग के बढ़ कर एक लाख तक पहुंचने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि शहर के इलाकों में बन रही नयी कॉलोनियों पर भी नजर है. उन्होंने बताया कि शहर में होल्डिंग टैक्स को वसूलने को गति देने के लिए जल्द ही वार्डवार कैंप लगाया जायेगा.
