मुजफ्फरपुर : एसएसपी कार्यालय पहुंच खुद को राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान विभाग का अधिकारी बताने वाले युवक को पुलिस ने सोमवार की दोपहर पकड़ लिया. नगर थाने में हिरासत में रख कर पूछताछ कर रही है. एसएसपी मनोज कुमार के निर्देश पर युवक को हिरासत में लिया गया है. उसके पास से बरामद पहचानपत्र व अन्य कागजात की जांच की जा रही है. जांच में दोषी पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जायेगी.
बताया जाता है कि बोचहां थानाक्षेत्र के शर्फुद्दीनपुर के हुसैनपुर निवासी अक्षय कुमार सोमवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचा था. खुद को राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान विभाग का अधिकारी बता एसएसपी से बोचहां थाने की पुलिस के खिलाफ शिकायत देने की बात कही. युवक पर संदेह होने पर एसएसपी ने नगर थाने की पुलिस को बुलाकर उनके हवाले कर दिया. नगर थाने में उससे पूछताछ की जा रही है. अक्षय बोचहां इलाके में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का भी काम करता है.
हिरासत में लिये गये अक्षय ने पुलिस को बताया कि वह फर्जी नहीं है. उसके पास राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो जो आईएसओ से रजिस्टर्ड ट्रस्ट है, उसका ज्वाइनिंग लेटर है.
वह पिछले दो सालों से इससे जुड़ा हुआ है. उसने बोचहां थानाक्षेत्र में शराब के कारोबार के खिलाफ बीते चार फरवरी को थाने में शिकायत दी थी. इसके आधार पर पुलिस ने पांच बोतल शराब बरामद किया था. मामले में जो थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, उसमें कुछ खेल हुआ था. इसकी शिकायत व सीडी देने एसएसपी कार्यालय पहुंचा था. इसके बाद उन्हें खुद की जांच कराने के लिए नगर थाने भेज दिया गया.
स्पेशल ब्रांच की टीम भी पिछले साल कर चुकी है पूछताछ
राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान विभाग का अधिकारी बताने में एक युवक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने की सूचना पर स्पेशल ब्रांच के अधिकारी भी नगर थाने पहुंच उससे पूछताछ की. उससे पास से बरामद आईकार्ड का फोटो खींच मुख्यालय को भेज दिया.
स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों का कहना था कि पिछले साल उसके खिलाफ मुख्यालय से शिकायत मिली थी. कि एक युवक अपने आप को राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान विभाग का अधिकारी बता घूम रहा है. इसके बाद उसको हिरासत में लेकर पूछताछ की गयी थी. उसको चेतावनी देकर छोड़ा गया था. एसएसपी मनोज कुमार ने बताया राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान ब्यूरो का संदिग्ध व्यक्ति है. उससे पूछताछ की जा रही है.
युवक के पास से बरामद कार्ड पर लिखा है राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो
पुलिस ने युवक के पास से जो आईकार्ड बरामद किया है, राष्ट्रीय अपराध जांच ब्यूरो का क्राइम इनफॉर्मेशन ऑफिसर लिखा हुआ है. इस पर आईएसओ 2014 से पंजीकृत संस्था बताया गया है. पुलिस उसके आईकार्ड की भी बारीकी से जांच कर रही है.
