मुजफ्फरपुर : मुझसे मिल ऐ खुशनसीबी, कि मैं किस्मत बदलना चाहता हूं...

मुजफ्फरपुर : मिल्ली सीनियर सिटीजंस की ओर से रविवार को हमीदीकाॅम्प्लेक्स में मुशयरा सह पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर अतिथियों ने अली अहमद मंजर की गजल पुस्तक का लोकार्पण किया. अध्यक्षता करते हुए डॉ नंद किशोर नंदन ने कहा कि जिस देश में बोलने की आजादी पर रोक लगती है,वहां एक […]

मुजफ्फरपुर : मिल्ली सीनियर सिटीजंस की ओर से रविवार को हमीदीकाॅम्प्लेक्स में मुशयरा सह पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया. मौके पर अतिथियों ने अली अहमद मंजर की गजल पुस्तक का लोकार्पण किया. अध्यक्षता करते हुए डॉ नंद किशोर नंदन ने कहा कि जिस देश में बोलने की आजादी पर रोक लगती है,वहां एक शायर शेर के जरिये अपनी बात कह जाता है.

शायरी मुरझाये माहौल में जोश व जुनून भर देता है. मुख्य अतिथि प्रो अबुजर कमालुद्दीन ने कहा कि जो बातें कई वाक्य में कही जाती है, वही बातें एक शायर एक शेर में कह जाता है. मुशायरे का शुभारंभ करते हुए शाहिद एजाज ने कई शेर सुनाये.
उन्होंने हर घर में खुशी होगी प्यार होगा, शाहिद सर्फ बहू को बेटी बना कर देखिये सुना कर श्रोताओं की तालियां बटोरी. अली अहमद मंजर ने कभी मुझसे मिल ऐ खुशनसीबी, कि मैं किस्मत बदलना चाहता हूं सुना कर वाहवाही ली.
कवियों की रचनाएं सराही
डॉ सिबगतुल्ला हमीदी ने जो प्यार कतरे से टल गयी है, वो यह तबीयत बदल गयी है, ताजीम गौहर ने बेवजह ख्यालों में चले आते हो हरदम, तुम कौन हो क्या हो बता क्यों नहीं देते व एमआर चिश्ती ने मुहब्बत के फसाने वक्त के पर्दे में रहते हैं, हजारों ख्वाब इन भीगी हुई पलकों में रहते हैं सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया.
मौके पर डॉ संजय पंकज, ऐमल हाशमी, असद रिजवी, डॉ जलाल असगर फरीदी, श्यामल श्रीवास्तव, प्रो मनसूर आलम, मो मुनीब, डॉ पंकज कर्ण, डॉ आरती कुमारी, शैलेंद्र कुमार, तैयब हुसैन, धर्मवीर कुमार सहित अन्य शायरों व कवियों की रचनाएं भी सराही गयीं.

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