मुजफ्फरपुर : मेयर व नगर आयुक्त के बीच तकरार कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अधिकार को लेकर इन दोनों का विवाद अब सरकार तक पहुंच गया है. लगातार दूसरे दिन मेयर सुरेश कुमार ने नगर आयुक्त संजय दूबे के खिलाफ डीएम से लेकर सीएम तक को पत्र लिखा. इसकी प्रति नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव व प्रमंडलीय आयुक्त को भी भेजी गयी है.
इसमें नगर आयुक्त पर सशक्त स्थायी समिति की बैठक की कार्यवाही समय से नहीं निकालने की शिकायत की है. कहा कि 18 जनवरी को सशक्त स्थायी समिति व 21 जनवरी को निगम बोर्ड की बैठक हुई थी, लेकिन अब तक कार्यवाही नहीं निकाला गया है.
जबकि, ऑटो टिपर घोटाले की जांच कर रही विजिलेंस ने विलंब से बैठक की कार्यवाही निकालने को लेकर सवाल खड़ा कर चुकी है. डीएम व सीएम से मेयर ने कार्रवाई की मांग की है. वहीं, मेयर से बिना राय-मशविरा नवनियुक्त अपर नगर आयुक्त व तीनों उप नगर आयुक्त के बीच कार्यों का बंटवारा करने पर भी सवाल खड़ा हो गया है. मेयर ने कहा कि नगरपालिका एक्ट में लिखा है कि बिना उनसे राय-मशविरा नगर आयुक्त किसी को कोई नयी जिम्मेदारी नहीं दे सकते हैं.
एक सहायक अभियंता की तैनाती: इंजीनियरों की कमी से जूझ रहे निगम को सरकार से एक सहायक अभियंता मिला है. भागलपुर के रहने वाले प्रीतम कुमार को बतौर सहायक अभियंता मुजफ्फरपुर में तैनाती करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग से नगर विकास एवं आवास विभाग के हवाले किया गया है.
जानकारी हो कि नगर निगम में फिलहाल एक मात्र सहायक अभियंता नंद किशोर ओझा तैनात है, जिससे विकास योजनाओं को पूरा करने में काफी परेशानी हो रही है.
लंबित नक्शा को लेकर हुई बहस
शौचालय की दुर्गंध से परेशान मेयर सुरेश कुमार लगातार दूसरे दिन अपना चैंबर छोड़ दिन भर निगम कैंपस में बैठे रहे. मेयर ने कहा कि उन्हें अब तक कोई आश्वासन नहीं मिला है कि उनका चैंबर कब तक बन कर तैयार होगा. बदबू से निजात दिलाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठा रही है? वहीं खुले आसमान के नीचे बैठे मेयर को देख लंबित मकान के नक्शे की शिकायत लेकर कुछ लोग पहुंचे. इसके बाद मेयर नगर आयुक्त को बुला बीच कैंपस में ही सवाल-जवाब करने लगे. इस दौरान मेयर व नगर आयुक्त में तीखी बहस भी हुई. जिसे देख निगम के अधिकारी, कर्मचारी व पार्षद भौचक रह गये.
