मोतीपुर : शराब तस्कर मुखिया जगन्नाथ राय की गिरफ्तारी के लिए शनिवार की रात छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर उसके परिजनों ने हमला बोल दिया. हालांकि, हमले में कोई पुलिसकर्मी जख्मी नहीं हुआ.
पुलिस के काम में व्यवधान डालने के आरोप में पुलिस टीम ने फरार मुखिया के छोटे भाई रामनाथ राय को मौके से गिरफ्तार कर लिया. थानाध्यक्ष अनिल कुमार के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
प्राथमिकी में मुखिया के बड़े भाई विनोद राय, भतीजा अशोक राय और रामनाथ राय का नाम शामिल है. रामनाथ को पूछताछ के बाद पुलिस ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया. थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना थी कि फरार मुखिया साढा डंबर स्थित अपने आवास पर है.
इसके बाद वरीय पुलिस पदाधिकारी के निर्देश पर डीआईयू के प्रभारी योगेंद्र कुमार ने मोतीपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार और सशस्त्रबलों के साथ छापेमारी के लिए वहां पहुंचे. पुलिस के आने की सूचना पर रामनाथ राय घर से निकलकर भागने लगा. थानाध्यक्ष ने खदेड़कर उसे पकड़ लिया.
इसके बाद टीम ने मुखिया जगन्नाथ राय और उनके भाई विनोद राय के घर का दरवाजा खोलवाने का प्रयास किया. परिजनों ने दरवाजा खोलने से इनकार किया. थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि विनोद राय, अशोक राय और रामनाथ राय ने पुलिस के कार्य में बाधा डाला है.
बड़ा राजदार है मुखिया का भाई रामनाथ
मोतीपुर. फरार मुखिया का गिरफ्तार भाई रामनाथ राय शराब कारोबार के आरोप में निलंबित थानेदार कुमार अमिताभ का सबसे बड़ा राजदार कहा जा रहा है. वह मोतीपुर स्थित एसएफसी गोदाम पर पलदार का काम करता था. लेकिन कुमार अमिताभ की पोस्टिंग के बाद से उसने पलदारी का काम छोड़ दिया था. वह 24 घंटे थाने के आसपास ही रहता था.
पूछताछ के दौरान उसने मुखिया जगन्नाथ राय से अपने को अलग बताया. उसने बताया कि मुखिया के व्यवसाय से उसका कोई लेना देना नही है. उसका आवास मुखिया के आवास से अलग है. इसके अलावा उसने कुछ अहम जानकारी भी पुलिस टीम को दी है.
