मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच के पास एक निजी नर्सिंग होम में गर्भवती महिला की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ. आक्रोशित लोगों ने नर्सिंग होम में जमकर तोड़फोड़ हुई. लोगों के आक्रोश को देख नर्सिंग होम के संचालक व स्टाफ मौके से फरार हो गये.
परिजनों का आरोप था कि नर्सिंग होम में एक भी डॉक्टर नहीं थे. डॉक्टर के बदले नर्सिंग होम का संचालक मरीज का इलाज कर रहा था. एक युवती उसे बार-बार नर्सिंग होम संचालक के कहने पर स्लाइन की बोतलें और सूई लगा रही थी.
मामला बिगड़ने पर जब उसने इलाज करने को कहा, तो एक सूई लगा दी. सूई लगते ही मरीज की मौत हो गयी. मौत के बाद नर्सिंग होम संचालक आनन-फानन में एंबुलेंस मंगवाकर उस पर मरीज को लाद दिया और एसकेएमसीएच जाने को कहा.
एसकेएमसीएच में पहुंचने के दौरान डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. मृतक महिला कटौझा गांव निवासी सुभाष कुमार की पत्नी कंचन देवी थी. कंचन की मां रामदुलारी ने आरोप लगाया है कि कंचन को प्रसव पीड़ा होने पर एसकेएमसीएच लेकर अायी थी. प्रसव वार्ड में दो-तीन महिलाओं की झुंड ने बेहतर इलाज कराने को बोलकर निजी अस्पताल ले गयी.
भर्ती के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर नहीं था. स्थिति बिगड़ने पर जब वह एसकेएमसीएच ले जाने को तैयार हुई तो नर्सिंग होम संचालक पहुंचकर इलाज करने लगा. प्रसव से जुड़ा कोई इलाज नहीं हुआ. जब वह एसकेएमसीएच में मरीज को ले जाने को तैयार हुई तो नर्सिंग होम संचालक रोक दिया. इलाज नहीं होने के कारण उसकी बेटी की मौत हो गयी.
सीएस से अवैध नर्सिंग होम की जांच कराने की मांग
मुजफ्फरपुर. कांग्रेस के जिला महासचिव बालक नाथ सहनी ने सिविल सर्जन डॉ शिव चंद्र भगत से एसकेएमसीएच के आसपास खुले निजी नर्सिंग, दवा दुकान और जांच केंद्रों का जांच कराने की मांग की है.
उन्होंने सीएस को बताया है कि एसकेएमसीएच में आस-पास दो दर्जन से अधिक अवैध तरीके से निजी नर्सिंग होम, दवा और जांच केंद्र का संचालक हो रहा है. उनके जाल में फंसकर आये दिन मरीज की मौत हो रही है.
