मनियारी : बाघी गांव में पूरी रात खुले आकाश के नीचे ठंड में मानवता शर्मसार होती रही. इस गांव के निवासी मकसुधन महतो का शव उसके ही दरवाजे पर रात भर पड़ा रहा. शव पर कपड़ा रखना तो दूर, उसे पुआल से ढक दिया गया. सोमवार की रात करीब 11 बजे एंबुलेंस चालक शव को दरवाजे पर छोड़ कर फरार हो गया.
45 वर्षीय मकसूधन बाघी गांव के निवासी स्वर्गीय प्रभु महतो का पुत्र था. वह पेंटर था. कई वर्ष पूर्व उसकी पत्नी, माता व पिता की मौत हो चुकी थी. परिवार में केवल एक नाबालिग पुत्र आशीष के साथ वह किसी तरह जीवन यापन कर रहा था. हाल ही में मकसुधन की अचानक तबीयत बिगड़ने पर ग्रामीणों की मदद से उसे हाजीपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. आर्थिक तंगी के कारण सही तरीके से इलाज न हुआ और सोमवार को उसकी मौत हो गयी.
सोमवार की रात शव को लेकर एंबुलेंस चालक पहुंचा और उसने दरवाजे के बाहर जमीन पर शव को रख दिया. पड़ोसियों से मकसुधन की बनती नहीं थी, उन्होंने शव को छूने से भी इनकार कर दिया. यहां तक कि किसी ने शव पर कपड़ा भी नहीं रखा. लिहाजा ठंड में खुले आकाश के नीचे शव पड़ा रहा. एंबुलेंस चालक ने उसे पुआल से ढंक दिया. मंगलवार को ग्रामीणों की सूचना पर एसआई उमाशंकर मांझी मौके पर पहुंचे. छानबीन में शव पुआल से ढके जाने पर नाराजगी व्यक्त कर ऐसा करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी. फिर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा़
