बोचहां : देश को इंदिरा की तानाशाही पुलिस और नौकरशाही ने चलाया. मोदी सरकार लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है़ उक्त बातें बोचहां स्कूल के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सम्मेलन में भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कही.
उन्होंने कहा कि बिहार आंदोलन की धरती है. यहां भाजपा सांप्रदायिकता फैला रही है़, जिसको जनता लोकसभा चुनाव में मुंहतोड़ जवाब देगी. प्रदेश में फर्जीवाड़ा कर लाखों गरीबों को उनकी ही जमीन से बेदखल किया जा रहा है. माले के जिला सचिव ने कहा कि सरकार पूरे बिहार को सूखाग्रस्त घोषित करे. आशा कार्यकर्ताओं को उनके वेतनमान देने की घोषणा करे.
राज्य कमेटी सदस्य बैजनाथ यादव ने कहा कि सम्मेलन में 39 प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी. आंदोलन व पार्टी को नये मुकाम पर ले जाने का संकल्प कार्यकर्ताओं ने लिया है. सम्मेलन में दो वर्षों के लिए 25 सदस्यों वाली नई कमेटी बनायी गयी.
इसमें कृष्ण मोहन को सचिव, जितेंद्र यादव, रामबालक सहनी, राम वाली मेहता, मनोज कुमार यादव, सकल ठाकुर, शारदा देवी, राम नंदन पासवान, सुरज कुमार सिंह, परशुराम पाठक, शर्मिला देवी, बिंदेश्वर साह, महेंद्र राय, इंद्रजीत कुमार, राजेश रंजन, प्रो. अरविंद कुमार डे, आफताब आलम, विश्वकर्मा शर्मा, शाहजहां केडी राय, संजय कुमार दास, असलम रहमानी व विवेक कुमार को सदस्य चुना गया. सम्मेलन ने 11 सूत्री प्रस्ताव भी पारित किया गया.
