मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड: मधु की फरारी के दौरान गतिविधियों के लिए सोशल मीडिया पर है सीबीआई की निगाह

मुजफ्फरपुर : बालिका गृहकांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु के फरारी के दौरान और उसके पूर्व की गतिविधियों की जानकारी के लिए सीबीआई ने अब वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है. सीबीआई ने उसके सोशल मीडिया आईडी से उससे जुड़े लोगों, उसकी गतिविधि सहित अन्य चीजों को खंगालना शुरू कर दिया है. […]

मुजफ्फरपुर : बालिका गृहकांड के मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु के फरारी के दौरान और उसके पूर्व की गतिविधियों की जानकारी के लिए सीबीआई ने अब वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया है.

सीबीआई ने उसके सोशल मीडिया आईडी से उससे जुड़े लोगों, उसकी गतिविधि सहित अन्य चीजों को खंगालना शुरू कर दिया है. उसके सोशल मीडिया आईडी से बहुत सारे राज सामने आने का कयास सीबीआई लगा रही है. हालांकि, सीबीआई ने ऐसे किसी भी जांच की पुष्टि नहीं की है.

मई माह में ही बालिका गृह की बच्चियों से यौनशोषण के मामले का उद‍्भेदन हो चुका था. समाज कल्याण विभाग के बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक के आवेदन पर इस मामले में 31 मई को महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.

मामले के उद‍्भेदन के बाद से ही मधु, सुमन शाही, दिलीप वर्मा सहित इस कांड के कई राजदार भूमिगत हो गये. पुलिस, सीआईडी और सीबीआई ने छापेमारी भी की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इधर, एक सप्ताह पहले मधु अचानक कोर्ट परिसर स्थित वकालत खाना पहुंची और खुद को सीबीआई के हवाले कर दिया.

जांच में सहयोग नहीं करने पर सीबीआई ने बनायी रणनीति

सीबीआई कोर्ट की अनुमति से मधु को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की गयी. इस क्रम में ब्रजेश ठाकुर से उसके संबंध, बालिका गृह से जुड़े सफेदपोश, बालिका गृहकांड में उसकी भूमिका, इस कांड में ब्रजेश के परिवार के लोगों की भूमिका सहित करीब सौ से अधिक सवाल पूछे गये.

लेकिन मधु ने किसी भी सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया. इससे सीबीआई जांच टीम की परेशानी बढ़ गयी. तब सीबीआई ने सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधि और संपर्क में रहनेवाले लोगों तक पहुंचने की रणनीति बनायी.

मधु कुमारी नाम से मिली एक आईडी

सीबीआई के पूछताछ में उसने अपने नाम के एक सोशल मीडिया आईडी की जानकारी दी. इसके बाद सीबीआई के एक्सपर्ट ने उसके आईडी को खंगालना शुरू किया. इस क्रम में मधु कुमारी के नाम की एक आईडी एक्सपर्ट को मिल गयी. इस आईडी से मुजफ्फरपुर से जुड़े इक्के-दुक्के लोग ही हैं.

अधिकतर दूसरे प्रदेश के लोग उससे जुड़े हुए हैं. इसमें अधिकतर अधिवक्ता और पुलिस विभाग के लोग हैं. 25 जून से उक्त आईडी पर कोई पोस्ट नहीं किया गया है. इससे सीबीआई अधिकारियों का शक और अधिक बढ़ गया है.

इसमें मधु के फरारी और उसके पूर्व की डिटेल निकाली जा रही है. उससे फरारी के बाद के उसके ठिकाने, गतिविधि, संपर्क करनेवाले लोगों, सोशल मीडिया के तहत उससे जुड़े लोगों की डिटेल निकालने का प्रयास जारी है. इसके बाद सीबीआई मधु से इस मामले में आगे पूछताछ करेगी. सीबीआई के एक्सपर्ट उसके फ्रेंड लिस्ट को भी खंगाल रहे हैं.

फरारी के दौरान उत्तर प्रदेश में होने की संभावना

फरारी के दौरान मधु के यूपी के दो बड़े शहरों में छिपे होने की संभावना जतायी जा रही है. सीबीआई की एक्सपर्ट टीम उसके सोशल मीडिया आईडी से उसके ठिकानों के साथ ही उसे छिपाने वाले की जानकारी हासिल करने में जुटी हुई है. उक्त आईडी से किये गये पोस्ट यूपी के ही किसी व्यक्ति को किये जाने की जानकारी सीबीआई को मिली है. हालांकि, इस पूरे प्रकरण की सीबीआई के अधिकारियों ने पुष्टि नहीं की है.

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