मुजफ्फरपुर : पूर्व मेयर समीर हत्याकांड में पुलिस रडार पर आते ही प्रोपर्टी डीलर श्यामनंदन अपने भतीजे का श्राद्ध कर्म छोड़ फरार हो गया था. उसके इस तरह से फरार होने पर पुलिस का शक और गहरा गया. जांच के क्रम में दर्जनों प्रोपर्टी डीलर से पूछताछ के दौरान इस हत्याकांड की साजिश रचने में उसका नाम आने के बाद पुलिस उसके पीछे पड़ गयी थी.
श्यामनंदन के भतीजे रजनीश कुमार की मौत बोन कैंसर के कारण हो गयी थी. हत्याकांड के अगले दिन 24 सितंबर को रजनीश का एकादशा था. श्यामनंदन अपने गांव में ही भतीजे के श्राद्ध कर्म में शामिल होना था. पुलिस को जांच में पूर्व मेयर समीर व श्यामनंदन मिश्रा के बीच अदावत की बात सामने आयी.
गोविंद व सुजीत पर नहीं जारी हुआ वारंट, एफएसएल जांच की अनुमति
पूर्व मेयर हत्याकांड मामले में शूटर गोविंद, सुजीत और प्रोपर्टी डीलर श्यामनंदन मिश्रा का वारंट कोर्ट ने दूसरे दिन भी जारी नहीं किया है. मंगलवार को आइओ धीरज ने न्यायालय के पेशकार से संपर्क किया. लेकिन आदेश नहीं होने के कारण वारंट नहीं मिल सका.सोमवार को कोर्ट में शूटर व साजिशकर्ता प्रोपर्टी डीलर के गिरफ्तारी वारंट के लिए आवेदन दिया था. वहीं घटनास्थल से बरामद साक्ष्य के एफएसएल जांच की अनुमति कोर्ट ने दे दी है. आइओ अब बरामद साक्ष्यों को जांच के लिए एफएसएल प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया में लग गये हैं.
पूर्व मेयर की पत्नी को मिले लोकसभा का टिकट
मुजफ्फरपुर : पूर्व मेयर समीर की पत्नी वर्षा रानी को लोकसभा टिकट दिया जाये. इसको लेकर भूमिहार चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष अमित विक्रम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है. इसमें कहा है कि पूर्व मेयर जनमानस के कल्याण के लिए लड़ते रहे. मृदुभाषी, सहनशील व्यक्तित्व के धनी समीर कुमार हमेशा शहर की समस्याओं को गंभीरता से उठाते रहे.
असामाजिक तत्वों द्वारा उनकी निर्मम हत्या से भूमिहार समाज ने अपना होनहार नेता खो दिया. अभी तक समीर के हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होना यह दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन हत्याकांड की लीपापोती में लगी है. नगर निगम में पूर्व मेयर समीर कुमार की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग को भी नगर निगम के अधिकारियों ने अनसूनी कर दी.
