मुजफ्फरपुर : लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते कि आगामी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की ओर से पीएम पद का कैंडिडेट कौन होगा. कहा कि चुनाव के बाद संख्या बल के आधार पर महागठबंधन में शामिल दल आपसी सहमति से पीएम तय करेंगे. अभी सभी पार्टियों का उद्देश्य है जनता को भाजपा नेतृत्व वाली सरकार की नाकामियों से अवगत कराना और उसे हर हाल में रोकना. वे रविवार की सुबह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे.
लोजद नेता ने कहा कि पीएम कैंडिडेट के नाम पर भ्रम फैलाकर भाजपा विवाद खड़ा करना चाहती है, लेकिन वह सफल नहीं होगी. कहा कि जब देवगौड़ा या वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने थे, तब पहले से उनका नाम किसने सुना था. 2019 के चुनाव में भी ऐसा ही होगा. लोकसभा में मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि नोटबंदी, कालाधन व किसानों की बदहाली को लेकर वे मतदाताओं के बीच जायेंगे.
केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार हर मुद्दे पर विफल है. हाल में गुजरात में हुए बिहारियों पर हमले को उन्होंने केंद्र सरकारी की बड़ी नाकामी बताया. कहा कि वहां से बिहार-यूपी के लोगों का पलायन दुखद है. सरकार के हाथ में शक्ति है. राज्य पुलिस बल भी है. चाहते तो सबकुछ दो घंटे में रोक सकते थे. लेकिन, लोगों का ध्यान अन्य मुद्दों से भटकाने के लिए मामले को और तूल दिया. मौके पर पूर्व सांसद अर्जुन राय व अली अनवर सहित अन्य नेता भी थे.
जदयू छोड़कर लोजद में शामिल हुए दर्जनों
नेता गजनफर हुसैन के साथ दर्जनों लोगों ने लोजद की सदस्यता ग्रहण की. यादव ने सभी का पार्टी में स्वागत किया और संगठन की मजबूती में सहयोग का आह्वान किया. सर्किट हाउस से निकलते समय कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से विदा किया.
