मुजफ्फरपुर : रेलवे विभाग यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है. वरीय पदाधिकारियों की ओर से ट्रेन स्कॉर्ट करने वाले आरपीएफ व जीआरपी जवानों को यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिये जा रहे हैं. लेकिन, सोमवार को जयनगर से अमृतसर जानेवाली शहीद एक्सप्रेस (14673) में पुलिस कर्मियों ने ठीक उल्टा काम किया.
ट्रेन के स्लीपर कोच में सवार हुए 19 वर्षीय बॉबी नामक यात्री की गलती सिर्फ इतनी थी कि वे ऑनलाइन टिकट की फोटोकॉपी की बजाय मोबाइल पर आये मैसेज को दिखा यात्रा कर रहे थे. पहले टिकट जांच करने वाले टीटीई ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तब टीटीई ने ट्रेन स्कॉर्ट कर रहे जीआरपी कर्मियों को बुलाकर चलती ट्रेन में मारपीट की. बॉबी का आरोप है कि ट्रेन जब मुजफ्फरपुर जंक्शन पहुंची, तो पुलिसकर्मियों ने उसे ट्रेन से उतार लिया. जंक्शन पर ही किसी एक कमरा में बंद कर करीब चार घंटे तक उसकी पिटाई की.
छोड़ने के एवज में मोटी रकम मांगी, लेकिन पिटाई से जख्मी यात्री ने देने में असमर्थता जतायी. इसके बाद शाम में पुलिस कर्मियों ने मंगलवार को फिर 11 बजे जीआरपी थाने पर आने की बात कह यात्री को छोड़दिया. पीड़ित यात्री बस से अपने गांव लौट गया.
यात्री ने बताया कि उनका अमृतसर में मॉर्बल का कारोबार है. वह अपने गांव दरभंगा के पुपरी पट्टी में परिवार को छोड़ अमृतसर लौट रहे थे.
