मुजफ्फरपुर : प्रमंडलीय आयुक्त नर्मदेश्वर लाल की अध्यक्षता में शनिवार को स्मार्ट सिटी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग हुई. इसमें स्मार्ट सिटी के कंसल्टेंट एजेंसी ‘श्रेई’ की ओर से लगभग 58.86 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किये डीपीआर पर काम करने की मंजूरी दे दी गयी.
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अध्यक्ष सह प्रमंडलीय आयुक्त ने तैयार डीपीआर की टेंडर प्रक्रिया से पहले तकनीकी स्वीकृति के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के पास भेजने का निर्देश दिया है. साथ ही कंसल्टेंट को डीपीआर बनाने के एवज में भुगतान किये गये 82.96 लाख रुपये पर मुहर लगा दी गयी.
बोर्ड में स्मार्ट सिटी के परामर्शदात्री समिति के सदस्यों के मनोनयन का भी मुद्दा उठा. इस पर उपस्थित मेयर सुरेश कुमार ने सवाल खड़ा कर दिया. कहा कि मेरे पास बिना हमसे विचार किये ही सदस्यों को नामित कर मंजूरी के लिए संचिका 23 सितंबर को भेजा गया, जिसे हमने लौटा दिया है.
अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए डीएम, नगर आयुक्त व मेयर को संयुक्त रूप से नाम पर सहमति का निर्देश दिया.
मीटिंग में मुख्य रूप से डीएम मो सोहैल, वित्त विभाग के विशेष
सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग के अधिकारी के साथ बतौर तकनीकी पदाधिकारी अधीक्षक अभियंता नगर विकास एवं आवास विभाग मौजूद थे.
