मुजफ्फरपुर: एइएस गुरुवार को बच्चों पर कहर बन कर टूटी. बीमारी की चपेट में कुल 20 बच्चे आये. इनमें सात बच्चों की जान चली गयी. इसके अलावा पहले से इलाजरत तीन बच्चों की मौत हो गयी. बीमारी का कहर ऐसा था कि पांच बच्चों की मौत डॉक्टर के देखने से पहले ही हो गयी. एसकेएमसीएच व केजरीवाल मातृसदन में परिजन बच्चों को लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल तक आते-आते बच्चों ने दम तोड़ दिया. दोनों अस्पतालों में 30 बच्चों का इलाज चल रहा है.
केजरीवाल मातृसदन में सुबह नौ बजे मेहसी पूर्वी चंपारण की चार वर्षीया अफसाना खातून की मौत हो गयी जबकि मीनापुर की दो वर्षीया सपना की दोपहर ढाई बजे मौत हो गयी. यहां गुरुवार को भरती नारायणपुर मधुबन, पूर्वी चंपारण
के तीन वर्षीय मो इब्रान व धीरनछपरा, बेला की चार वर्षीय अनोखी कुमारी की मौत देर रात हो गयी. जबकि झपहां का एक वर्षीय रंजू, रामनगर गायघाट की तीन वर्षीया रिजवाना व जमालाबाद की डेढ़ वर्षीया हसना कुमारी की मौत एसकेएमसीएच में इमरजेंसी में हो गयी. डॉक्टरों ने देखने के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया. इसके अलावा केजरीवाल में इलाजरत एक व मेडिकल कॉलेज में दो बच्चों की मौत हुई.
एसकेएसमीएच में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ ब्रजमोहन, डॉ गोपाल शंकर सहनी, डॉ जेपी मंडल व केजरीवाल मातृसदन में शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार, डॉ मुकेश झा, डॉ बीएन तिवारी, डॉ रजनीश सहित अन्य डॉक्टर बच्चों की जान बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.
