पहले चरण में 10 व दूसरे में पांच सब स्टेशन की बढ़ेगी क्षमता, बिजली आपूर्ति में अगले माह होगा सुधार
मुजफ्फरपुर : पिछले पांच साल में एस्सेल ने बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई खास डेवलपमेंट नहीं किया. जिस समय एस्सेल को बिजली दी गयी, उस समय डीएफ क्षेत्र (एस्सेल का क्षेत्र) में सवा लाख उपभोक्ता थे. अभी बिजली लेते समय उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ कर करीब 3.5 लाख हो गयी. उपभोक्ता की संख्या बढ़ने के […]
मुजफ्फरपुर : पिछले पांच साल में एस्सेल ने बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई खास डेवलपमेंट नहीं किया. जिस समय एस्सेल को बिजली दी गयी, उस समय डीएफ क्षेत्र (एस्सेल का क्षेत्र) में सवा लाख उपभोक्ता थे. अभी बिजली लेते समय उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ कर करीब 3.5 लाख हो गयी. उपभोक्ता की संख्या बढ़ने के कारण अधिकांश पावर सब स्टेशन (पीएसएस) के पावर ट्रांसफॉर्मर (पीटीआर) ओवरलोड हो गये.
लेकिन उसकी क्षमता नहीं बढ़ी, इसी कारण आज उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है. ये बातें एनबीपीडीसीएल अधीक्षण अभियंता रितेश कुमार, अरबन टू के कार्यपालक अभियंता पंकज कुमार, पश्चिमी के कार्यपालक अभियंता छबिंद्र कुमार ने गुरुवार को प्रेसवार्ता में कहीं.
उन्होंने कहा कि बिजली मेंटेनेंस के काम में एस्सेल को एक माह तक सपोर्ट करना था, लेकिन उसके मेंटेनेंस की टीम उन्हें सपोर्ट नहीं कर रही है. इस कारण मेंटेनेंस के काम में थोड़ी परेशानी हो रही है. यहां तक की 63 से लेकर 315 केवी तक के ट्रांसफॉर्मर बदलने का काम अब हमें करना पड़ रहा है. लेकिन 31 जुलाई के बाद मेंटेनेंस में कोई परेशानी नहीं होगी.
जिले में 35 सेक्शन हैं और प्रत्येक सेक्शन में मेंटेनेंस के लिए 11 कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जो लगातार मेंटेनेंस काम करेंगे. उपभोक्ता पहले जेई, सहायक अभियंता व पीएसएस के नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं. जब यहां से उन्हें जवाब नहीं मिले, तो वह कार्यपालक अभियंता से शिकायत करें. सभी जेई वह सहायक अभियंता उपभोक्ता की शिकायत सुनें व यथा संभव उसका निदान कराएं.
इसमें कोताही बरदाश्त नहीं होगी. मीटर रीडिंग हो चुकी है और बिल बांटने का काम भी शुरू हो चुका है. वहीं दूसरे चरण में सिकंदरपुर बोचहां, कटरा, मड़वन, कुढ़नी पीएसएस में पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ेगी.