मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच ग्रिड में 33 केवी एमआइटी फीडर में अधिक क्षमता वाला ट्रांसफॉर्मर लगाने को लेकर दोपहर करीब 12 बजे से रात आठ बजे तक बिजली गुल रही है. इस कारण आठ घंटे तक एमआइटी व सिकंदरपुर पीएसएस से जुड़े इलाकों में करीब 60 हजार आबादी बिजली व पानी के लिए तरसती रही.
इन दोनों पीएसएस की बिजली बंद होने से एमआइटी, पुलिस लाइन, बैरिया, दामोदरपुर, ब्रह्मपुरा, लक्ष्मी चौक, दाउदपुर, जूरन छपरा, सिकंदरपुर, बालूघाट, अखाड़ाघाट, सरैयागंज, गरीबस्थान, जवाहरलाल रोड, गोला, अंडी गोला सहित पांच दर्जन से अधिक इलाकों में बिजली व पानी के लिए हाहाकार की स्थिति रही. ग्रिड के अधिकारी ने बताया कि 33 केवी एमआइटी लाइन में 400 एंपीयर का ट्रांसफॉर्मर था, अब वहां 800 एंपीयर का ट्रांसफॉर्मर लगा दिया गया है.
अब लोड बढ़ने पर बिजली ट्रिप नहीं करेगी.हालांकि, इसी लाइन से गरीबस्थान मंदिर के आसपास बिजली आपूर्ति होती है. श्रावणी मेले के दौरान मंदिर व उसके आसपास निर्बाध आपूर्ति को लेकर ट्रांसफॉर्मर बदला गया है.
एस्सेल के पीआरओ राजेश चौधरी ने बताया कि श्रावणी मेले में मंदिर के आसपास बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए ग्रिड में काम हो रहा था. बारिश के कारण अधिक समय लगा. दोनों पीएसएस से जुड़े कुछ इलाकों में लोकल फॉल्ट के कारण सुबह आठ-नौ बजे से बिजली गुल थी.
कुछ इलाकों में लाेकल फॉल्ट से 12 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित : इसमें सिकंदरपुर, दामोदरपुर, बालूघाट आदि क्षेत्र के कुछ मोहल्ले शामिल हैं. यहां करीब 11 से 12 घंटे के बाद बिजली आयी. वहीं, इन पीएसएस से जुड़े कुछ इलाकों में लोकल फॉल्ट के कारण 9-10 बजे से बत्ती गुल थी, जहां करीब 11 से 12 घंटे बाद बिजली आयी.
शहर भर में दिनभर बिजली संकट
एस्सेल भगाओ मुजफ्फरपुर बचाओ मोर्चा के संयोजक अजय कुमार पांडेय ने कहा कि एस्सेल जाने से पूर्व उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है. बुधवार को शहर में चारों ओर दिन में 6 से 7 घंटे बिजली गुल रही है. एस्सेल जाने की तैयारी में लग चुकी है. एनबीपीडीसीएल में बाहर से अभियंताओं को बुलाया गया है. एस्सेल से उपभोक्ताओं का बिल रिकॉर्ड ले लिया गया है.
