मुजफ्फरपुर : स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं में रफ्तार लाने व बड़े प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार करने की धीमी गति पर राज्य व केंद्र दोनों सरकारों ने चिंता जाहिर की है. पटना राजधानी व भागलपुर स्मार्ट सिटी की तर्ज पर मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के काम में तेजी लाने के लिए नगर आयुक्त संजय दूबे को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है. पटना में डेढ़ दर्जन बड़े प्रोजेक्ट का डीपीआर बना टेंडर कर दिया गया है.
मुजफ्फरपुर में अबतक मात्रएक सरकारी भवनों पर लगने वाले रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के अलावा कोई भी बड़े प्रोजेक्ट का डीपीआर तैयार नहीं किया जा सका है. प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने इस पर चिंता जाहिर की है. उन्होंने करीब छह माह से लंबित स्मार्ट सिटी के परामर्शदात्री समिति का गठन तीन दिनों में करने का सख्त निर्देश दिया है.
इससे पहले प्रधान सचिव ने फरवरी माह में परामर्शदात्री समिति गठित करने का निर्देश दिया था. हालांकि, तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त सह स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के अध्यक्ष एचआर श्रीनिवास ने इसमें रुचि नहीं दिखाई. नतीजा, मामला लंबित हो गया. प्रधान सचिव के रिमाइंडर के बाद निगम प्रशासन की बेचैनी बढ़ गयी है.
नगर आयुक्त संजय दूबे ने बताया कि वे तय समय-सीमा के अंदर समिति का गठन कर रिपोर्ट सरकार को भेज देंगे. इसमें स्थानीय सांसद, विधायक, मेयर के अलावा तीन अलग-अलग विभागों के सीनियर पदाधिकारी शामिल होंगे. अध्यक्ष प्रमंडलीय आयुक्त ही होंगे. जो समय-समय पर स्मार्ट सिटी के काम में सुझाव देने के साथ-साथ निगरानी भी करेंगे.
