स्पीड गवर्नर के बिना नहीं बनेगा फिटनेस सर्टिफिकेट

मुजफ्फरपुर : सड़क पर बढ़ रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार परिवहन विभाग ने सभी व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक) लगाना अनिवार्य कर दिया है. लेकिन कई वाहन मालिक अभी भी इसे वाहनों में नहीं लगा रहे हैं. ऐसे में परिवहन विभाग ने नये सॉफ्टवेयर वाहन-4 में फिटनेस […]

मुजफ्फरपुर : सड़क पर बढ़ रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार परिवहन विभाग ने सभी व्यावसायिक वाहनों में स्पीड गवर्नर (गति नियंत्रक) लगाना अनिवार्य कर दिया है. लेकिन कई वाहन मालिक अभी भी इसे वाहनों में नहीं लगा रहे हैं. ऐसे में परिवहन विभाग ने नये सॉफ्टवेयर वाहन-4 में फिटनेस सर्टिफिकेट पर अब स्पीड गवर्नर नंबर अंकित करने का सिस्टम लागू कर दिया है. ऐसे में किसी भी वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट कंप्यूटर से बिना स्पीड गवर्नर नंबर के जारी नहीं होगा.
ऐसे में अब किसी भी व्यावसायिक वाहन मालिक को स्पीड गवर्नर लगाये फिटनेस जारी नहीं किया जायेगा. इसको लेकर परिवहन विभाग के सचिव सूबे के सभी डीटीओ को निर्देश जारी किया है. इसमें कहा है कि फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने वाले ऑपरेटर को इसकी जिम्मेदारी तय कर दे कि वह बिना स्पीड गवर्नर लगाये वाहनों को सर्टिफिकेट प्रिंट नहीं करे. प्रत्येक माह इसकी समीक्षा होगी, जिसमें कंप्यूटर के रिकॉर्ड से पता चलेगा कि एक माह में कितने वाहनों में गाड़ी की स्पीड कम करने वाले यंत्र को लगाया जा चुका है. मामले में डीटीओ मो नजीर अहमद ने बताया कि विभाग के दिये निर्देश का सख्ती से अनुपालन करने को लेकर ऑपरेटर को निर्देश दिया जा चुका है. पिछले दो दिनों से जो भी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी हो रहे हैं, उस पर स्पीड गवर्नर का नंबर अंकित है.
स्कूली वाहन की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा वाला यंत्र लगेगा : इस नियम के तहत स्कूली बच्चों को लेकर चल रहे सभी वाहनों में 40 किमी प्रति घंटा के रफ्तार वाला यंत्र लगेगा. वहीं राज्य के अंदर चलने वाले वाहनों में 60 व एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले व्यावसायिक वाहनों में 80 किमी प्रति घंटा रफ्तार वाला यंत्र लगाना है. उदाहरण के तौर पर जो बस, ट्रक या अन्य व्यावसायिक वाहन को राज्य के अंदर चलते हैं, उसकी अधिकतम स्पीड 60 होगी. वहीं एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने वाले वाहनों की स्पीड 80 किमी प्रति घंटा तय की गयी है. भारी भरकम वाहन टैंकर होते हैं, उसकी स्पीड लिमिट वाहन के प्रकार के हिसाब से अलग-अलग तय की गयी है.

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