मुजफ्फरपुर : शहर के बंद पड़े 11 जलमीनार करीब तीन करोड़ रुपये खर्च कर चालू किये जायेंगे. इससे शहर के 50 प्रतिशत इलाकों में जलसंकट से जूझ रहे लोगों को समस्या से निजात मिल जायेगी. निगम के कार्यों की समीक्षा के दौरान जब पेयजल संकट व बंद जलमीनार का मुद्दा उठा, तो प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने डीएम व नगर आयुक्त को संयुक्त रूप से पहल कर इस काम को छह माह के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया. प्रधान सचिव ने पटना से वुडको के इंजीनियराें को बुलाकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कराना शुरू कर दिया है.
अब दो अक्तूबर को ओडीएफ घोषित होगा शहर
शहर को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित करने की तिथि अब दो अक्तूबर तय की गयी है. पहले 30 जून तक की तिथि निर्धारित की गयी थी. 11 वार्डों को ओडीएफ घोषित करने के लिए पार्षद अनुशंसा कर चुके हैं. हालांकि, प्रधान सचिव ने शेष बचे व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा कर पार्षदों से इसकी अनुशंसा लेकर नगर आयुक्त को सरकार को भेजने का जल्द से जल्द निर्देश दिया है.
प्रधान सचिव ने 26 वार्डों के अलावा शेष वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन कराने व डस्टबिन बांटने का निर्देश दिया है. साथ ही कंपनीबाग में कूड़ा-कचरा से तैयार हो रहे जैविक खाद को स्टॉल लगा पांच रुपये प्रति किलोग्राम बेचने का निर्देश नगर आयुक्त को दिया है.
अतिक्रमण पर चलाये अभियान
प्रधान सचिव ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पहले से बेहतर हुई है. शहर भ्रमण के दौरान हर जगह बेहतर सफाई दिखी है. हालांकि, अतिक्रमण काफी है. नगर आयुक्त व डीएम को अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्ती बरतने को कहा गया है. अतिक्रमण हटाने के बाद अगर दोबारा कब्जा होता है, तो वैसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
