जिले में अभी नहीं लगेगा कचरा से बिजली बनाने का प्लांट ड्रेनेज व सीवरेज का काम भी लटका

मुजफ्फरपुर : ड्रेनेज व सिवरेज सिस्टम के लिए कैबिनेट से पास हो चुके 158 करोड़ की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. सरकार की ओर से टेंडर निकाला गया, लेकिन नाले के गंदा पानी को ट्रीटमेंट कर कृषि योग्य बनाने के लिए शहर के चार प्वाइंट पर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगना था. इसके […]

मुजफ्फरपुर : ड्रेनेज व सिवरेज सिस्टम के लिए कैबिनेट से पास हो चुके 158 करोड़ की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. सरकार की ओर से टेंडर निकाला गया, लेकिन नाले के गंदा पानी को ट्रीटमेंट कर कृषि योग्य बनाने के लिए शहर के चार प्वाइंट पर एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगना था. इसके लिए जगह अब तक फाइनल नहीं हो सकी है. इसलिए टेंडर की प्रक्रिया फाइनल नहीं हो सकी. प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद ने बताया कि डीएम व नगर आयुक्त को इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है.
कचरा से बिजली उत्पादन के लिए अमेरिकन कंपनी के साथ मुजफ्फरपुर के लिए एग्रीमेंट होने की बात को प्रधान सचिव ने खारिज कर दिया है. कहा कि फिलहाल यह प्लांट मुजफ्फरपुर में नहीं लग सकता है. क्योंकि, बिजली उत्पादन करने वाली कंपनी को एक दिन में न्यूनतम एक हजार टन कचरा की जरूरत होगी. मुजफ्फरपुर में रोजाना दो-तीन सौ टन ही कचरा निकलता है. अभी पटना में बिजली उत्पादन प्लांट को लगाने की कवायद चल रही है.ं

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