मुजफ्फरपुर : तटबंध के सुरक्षा को लेकर अभियंता पूरी तरह अलर्ट रहें. पानी के दबाव बढ़ने या कटाव की स्थिति होने पर बाढ़ के वरीय अधिकारी के आदेश के प्रतीक्षा किये बगैर त्वरित कार्रवाई करें. स्लुइस गेट पर लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता है. ये निर्देश जिले के प्रभारी सचिव सह श्रम विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने बाढ़ पूर्व तैयारी के समीक्षा के दौरान दिया. समाहरणालय सभागार में बुधवार को हुई बैठक में डीएम मो. सोहैल, जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता समेत बाढ़ व आपदा से संबंधित सभी अधिकारी व अभियंता उपस्थित थे.
बाढ़ के दौरान राहत व बचाव के लिए मौजूद संसाधन पर चर्चा करते हुए प्रभारी सचिव ने कहा कि नाव की संख्या कम है. अतिरिक्त नाव की व्यवस्था रखना आवश्यक है. इसके लिए नाव मालिक से एग्रीमेंट कर लें. डीएम ने नदी के स्लुइस गेट के बारे में बताया कि पांच जुलाई तक खंगुराडीह, माेहनपुर एवं रजवाड़ा में नया गेट लग जायेगा. रजवाड़ा रिंग बांध को दुरुस्त कर दिया गया है. रिंग बांध की ऊंचाई नदी के बांध से अधिक नहीं करने की हिदायत दी. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पेयजल, मेडिकल सुविधा एवं शरण स्थल पर खाने-पीने की व्यवस्था में किसी तरह का चूक नहीं हो, इसके लिए पूरी तैयारी रखने के लिए कहा गया.
सात निश्चय के योजनाओं का भी समीक्षा की गयी. बैठक में नली गली, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड एवं कुशल युवा कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा हुई. बताया गया कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में अबतक 1238 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें से 835 आवेदन लोन के लिए स्वीकृत किया गया है. 631 छात्रोें को बैंक से राशि का भुगतान भी हो गया है.
कुशल युवा कार्यक्रम में लाभुकों कर संख्या कम होने पर कहा कि राज्य स्तर पर इस योजना में 45 प्रतिशत लड़कियों ने रोजगार के लिए ट्रेनिंग ली है. युवाओं को योजना में रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है. नली गली योजना में गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि अधिकारी क्षेत्र में भ्रमण कर गुणवत्ता की जांच करें. गड़बड़ी होने पर दोषी पर कार्रवाई करें.
