लक्ष्य: सरकार ने तय किया लक्ष्य, दो वर्षों में होगा निर्माण, बनेंगे 387 पंचायत भवन

मुजफ्फरपुर: अगले दो सालों में जिले की सभी 387 पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए जमीन तलाश करने की जिम्मेदारी सभी मुखिया की होगी. एक पंचायत भवन के निर्माण के लिए 50 डिसमिल जमीन की जरूरत होती है. यह गैरमजरूआ जमीन भी हो सकती है. लेकिन, इसके […]

मुजफ्फरपुर: अगले दो सालों में जिले की सभी 387 पंचायतों में पंचायत भवन के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके लिए जमीन तलाश करने की जिम्मेदारी सभी मुखिया की होगी. एक पंचायत भवन के निर्माण के लिए 50 डिसमिल जमीन की जरूरत होती है. यह गैरमजरूआ जमीन भी हो सकती है. लेकिन, इसके लिए ग्रामसभा से अनुमोदन कराना जरूरी है.

बीडीओ व सीओ से भी इसकी सहमति लेनी होगी. फिलहाल, जिले की 37 पंचायतों में ही पंचायत भवन बना है. उसके हस्तानांतरण की प्रक्रिया जारी है. प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुखिया, पंचायत सचिव सहित पंचायत सरकार से जुड़े सभी लोगों को प्रतिदिन उसमें बैठना अनिवार्य होगा.

ये बातें जिला पंचायती राज पदाधिकारी (डीपीआरओ) नरेंद्र कुमार सिंह ने कहीं. वे शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में बंदरा, सकरा व साहेबगंज प्रखंड के सभी पंचायतों के मुखिया के लिए आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे. इसमें प्रतिभागियों को मुखिया की प्रशासनिक जिम्मेदारी की जानकारी दी गयी. सात निश्चय योजना के संबंध में जानकारी देते हुए डीपीआरओ ने बताया कि योजना के तहत जो भी काम होंगे, उसकी प्रशासनिक स्वीकृति मुखिया की कार्यकारिणी देगी.

वहीं, तकनीकी स्वीकृति प्रखंड स्तरीय जल स्वच्छता समिति देगी. राशि का भुगतान किसके माध्यम से होगा, यह अभी तय नहीं हुआ है. राज्य सरकार ने इसके लिए प्रत्येक वार्ड में वार्ड विकास समिति का गठन किया था, लेकिन मुखिया संघ ने इसे हाइकोर्ट में चुनौती दी है. फिलहाल वार्ड विकास समितियों को भंग कर दिया गया है. हाइकोर्ट के आदेशानुसार सरकार कोई फैसला लेगी. उन्होंने बताया कि प्रत्येक प्रखंड में कुल 18 संचिकाओं का संधारण जरूरी है. इसे पंचायत सचिव के माध्यम से संरक्षित रखवाने की जिम्मेदारी मुखिया की ही होती है.

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