बिहार विस चुनाव में 1.01 लाख गाड़ी पकड़ी गयी, 90 % का भुगतान लंबित

1.01 lakh vehicles seized during Bihar

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

सूबे में बिहार विधान सभा चुनाव में 1,01,093 वाहनों को चुनाव कार्य के लिए पकड़ा गया, जिसमें अब तक सभी जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वाहनों का मुआवजा भुगतान लंबित है, अब तक 2361 वाहनों का ही भुगतान हो पाया है. सूबे में सबसे अधिक वाहन पटना में 6706 वाहन पकड़े गये. वहीं उत्तर बिहार में सबसे अधिक वाहन मोतिहारी जिले में 4709 और सबसे कम शिवहर में 621 वाहन पकड़े गये. इन वाहनों के मुआवजा भुगतान को लेकर वाहन मालिक जिला परिवहन कार्यालय पहुंच रहे हैं. तो बताया जा रहा है अंतिम हिसाब हो रहा है जल्द उनके खाते में गाड़ी के मुआवजा राशि का भुगतान हो जायेगा. मामले में मोटर फेडरेशन के जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि विस चुनाव में जो वाहन लिये गये उसका अंतिम मुआवजा भुगतान अभी नहीं हो पाया है. पूछे जाने पर कहा जाता है कि अंतिम हिसाब हो रहा है, कुछ वाहन मालिकों ने अब तक बैंक खाते की डिटेल नहीं दी है. जल्द ही पैसा खाते में भेजा जायेगा. इसके अलावा चुनाव के दरम्यान बड़े बड़े कार्यक्रम में दूसरे जिलों में जो गाड़ियां भेजी गयी, वहीं अन्य सरकारी कार्यक्रम में जो गाड़ी दूसरे जिले में गयी उसका मुआवजा भुगतान का कुछ पता नहीं चल पा रहा है कि कब और कौन भुगतान करेगा. दूसरे जिले में गये वाहनों के भुगतान को लेकर वाहन मालिक वहां जाकर बात कर रहे है तो वह भी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे है. इधर बताते चले कि अभी भी जिला परिवहन कार्यालय में वाहन कोषांग में प्रतिनियुक्त कर्मी प्रतिदिन वाहनों के मुआवजा भुगतान को लेकर अंतिम हिसाब कर रहे है. एक एक लॉगबुक की जांच कर उसमें वाहन मालिक का खाता संख्या की विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन इंट्री की जा रही है. करीब 80 प्रतिशत से अधिक वाहनों का हिसाब फाइनल कर उसकी इंट्री की जा रही है, इसके बाद भुगतान किया जायेगा.

जिला : गाड़ी की संख्या

– शिवहर : 621

– समस्तीपुर : 4363

– दरभंगा : 4506

– मधुबनी : 3784

– सीतामढ़ी : 2551

– सारण : 3776

– बेतिया : 3165

– वैशाली : 3633

– सिवान : 3374

– मोतिहारी : 4709

– मुजफ्फरपुर : 4164

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KUMAR GAURAV

KUMAR GAURAV is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >