बागमती उफान पर, देखते ही देखते बह गया पुल, अब ग्रामीणों को करना होगा लंबा सफर

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर के औराई में बागमती नदी का जलस्तर बढ़ने से मधुबन प्रताप घाट का चचरी पुल बह गया. पुल टूटने से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है. पढे़ं पूरी खबर…

Muzaffarpur News: बागमती नदी के जलस्तर में अचानक हुई रिकॉर्ड वृद्धि का असर अब ग्रामीण इलाकों में दिखने लगा है. प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली बागमती नदी की दक्षिणी उपधारा पर बना मधुबन प्रताप घाट का चचरी पुल मंगलवार की अहले सुबह तेज बहाव में ध्वस्त हो गया. पुल टूटने से आसपास के एक दर्जन गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

स्थानीय लोगों के अनुसार रात भर दर्जनभर से अधिक ग्रामीण चचरी पुल को बचाने की कोशिश करते रहे. पानी के बढ़ते दबाव को देखते हुए लोगों ने पुल को सुरक्षित रखने का प्रयास किया, लेकिन मंगलवार सुबह नदी का तेज बहाव चचरी पुल को अपने साथ बहा ले गया.

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एक दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित

चचरी पुल टूटने से मधुबन प्रताप, पटोरी टोला, हंसवारा, करहंट्टी, सरहंचिया, बोरबारा, जीवसर समेत आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है. अब इन गांवों के लोगों को औराई आने-जाने के लिए मधुबन प्रताप और पटोरी टोला के रास्ते लगभग पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी.

ग्रामीणों का कहना है कि यह चचरी पुल इलाके के लोगों के लिए आवागमन का सबसे आसान और महत्वपूर्ण साधन था. पुल टूटने से छात्रों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होगी.

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बढ़ते जलस्तर से गांवों में दहशत

बागमती नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से नदी किनारे बसे गांवों में भी चिंता बढ़ गई है. पिछले वर्षों में बाढ़ और कटाव का दंश झेल चुके हजारों परिवार एक बार फिर भय के साये में जीने को मजबूर हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है. लोग लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

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प्रशासन से मदद की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था करने और प्रभावित इलाकों की निगरानी बढ़ाने की मांग की है. लोगों का कहना है कि समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

बागमती के बढ़ते जलस्तर और चचरी पुल के बहने की घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है.

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मुजफ्फरपुर के औराई से फिरोज अख्तर की रिपोर्ट

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By Aniket kumar

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

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