चैत्र नवरात्र के चौथे दिन माता कूष्माण्डा की आराधना
नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मां अंबे के चौथे स्वरूप माता कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना
By AMIT JHA | Updated at :
नवरात्र. शहर के विभिन्न जगहों पर घंटे व शंख की ध्वनि से माहौल हुआ भक्तिमय
मुंगेर. नवरात्रि के चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं ने मां अंबे के चौथे स्वरूप माता कूष्माण्डा की पूजा-अर्चना की. पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने माता को नैवेद्य के रूप में मक्खन, शहद व मालपुआ अर्पित किया. माना जाता है कि इस नैवेद्य से मां प्रसन्न हो कर भक्तों के सारे विघ्नों को हर कर उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करती है. माता के इस स्वरूप का ध्यान करने मात्र से बुद्धि का विकास होता है, उनकी ही कृपा से निर्णय-शक्ति में असाधारण विकास होता है.
घंटे व शंख की ध्वनी से बढ़ रहा उत्साह
एक ओर जहां श्रद्धालु माता जगदंबे की भक्ति में पूरी तरह लीन हो गये हैं, दूसरी ओर मंदिरों में बजने वाले घंटे व शंख की ध्वनि से भक्तों का उत्साह और भी बढ़ता ही जा रहा है. शक्तिपीठ चंडिका स्थान में जहां अहले सुबह से दोपहर तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ माता के प्रति उनकी श्रद्धा को दर्शता है. शहर के शेरपुर, मुगलबाजार शिवालय, मोगलबाजार नयाटोला, पूरबसराय वासंती तालाब, रिफ्यूजी कॉलोनी, मुख्य बाजार, छोटी केलाबाड़ी, महमदा सहित विभिन्न दुर्गा मंदिर में देर शाम तक भक्तिों का जमघट माता के प्रति श्रद्धालुओं के विश्वास को प्रतिबिंबित कर रहा है. इसके अलावे शहर से लेकर गांव तक दर्जनों दुर्गा स्थानों में प्रतिदिन पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ते ही जा रही है.
देवी के भजनों से गूंज रहे चारों दिशा
नवरात्रि के मौके पर चारों दिशाएं मां दुर्गा के भजनों से गुंजने लगी है. सुबह होते ही जहां माता की आराधना, पाठ, श्लोक व मधुर भजनों को सुन श्रद्धालु दिन की शुरुआत कर रहे हैं. वहीं संध्याकाल में माता की वंदना व आरती मन को काफी शांति मिल रही है. नवरात्रि का उमंग न सिर्फ मंदिरों व घरों तक ही सीमित है, बल्कि बाजार के विभिन्न प्रतिष्ठानों, वाहनों व चौक चौराहों पर भी साफ झलक रहा है.