शताब्दी वर्ष पर स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन, राष्ट्र निर्माण में योगदान पर हुई चर्चा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर नगर के झील पथ स्थित सुभाष चंद्र कादम्बरी साहा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से स्वयंसेवकों ने अनुशासनबद्ध तरीके से पथ संचलन किया.

हवेली खड़गपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर नगर के झील पथ स्थित सुभाष चंद्र कादम्बरी साहा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से स्वयंसेवकों ने अनुशासनबद्ध तरीके से पथ संचलन किया. स्वयंसेवकों ने ड्रेस कोड में कदमताल करते हुए संघ की परंपरागत संस्कृति और देशभक्ति का परिचय दिया.

नगर कार्यवाह रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व में निकाली गयी पथ संचलन झील पथ, आंबेडकर चौक, एकता पार्क होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए नंदलाल बसु चौक तक पहुंचा. इसके बाद पुनः शिशु मंदिर में आकर संपन्न हुआ. पूरे मार्ग में स्वयंसेवकों की अनुशासन और व्यवस्था को देखकर लोग प्रभावित हुए. स्वयंसेवकों ने कहा कि यह आयोजन संगठन की शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में एक कदम है. इससे पूर्व शिशु विद्या मंदिर में विजयादशमी उत्सव उत्साहपूर्वक आयोजित किया गया. जिसमें मुख्य वक्ता शारीरिक प्रमुख शुभम ने संघ के उसके कार्य एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि शस्त्र और शास्त्र दोनों की पूजा करना है. संपूर्ण समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है. मौके पर रौशन कुमार सिंह, उपमुख्य पार्षद दीपक कुमार, सत्यम निराला, अंकित जयसवाल, शुभम केशरी, दिव्यांश कुमार, विक्की राय, राजीव नयन, अनिल सिन्हा, डॉ अशोक कुमार केशरी, शिवप्रकाश, शिवम, प्रिंस, संजय, विवेक केशरी, राकेश कुमार, प्रधानाचार्य अजय कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

बजरंग दल ने की शांति व अनुशासन बनाए रखने की अपील

हवेली खड़गपुर. शारदीय नवरात्र के दौरान माता रानी के जागरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है. जिला विद्यार्थी प्रमुख गुनगुन सिंह एवं बजरंग दल के नगर सुरक्षा प्रमुख मेहुल सिंह ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में भक्ति, उत्साह और सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखना है. लेकिन हाल के वर्षों में अनावश्यक विवाद और दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती है. इसे देखते हुए सभी आयोजन समितियों को शांति और अनुशासन बनाये रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि आयोजकों को सुनिश्चित करना होगा कि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश करने वालों की पहचान की विधिवत जांच हो. प्रवेश से पूर्व प्रतिभागियों को तिलक और गंगाजल दिया जाए. यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी आयोजन में अनुशासनहीनता या दुर्घटना जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित आयोजन समिति की होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ANAND KUMAR

ANAND KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >