हवेली खड़गपुर (मुंगेर). प्रखंड क्षेत्र के गोड़घुआ गांव के सैकड़ों महिला एवं पुरुष ग्रामीणों ने सार्वजनिक खेल मैदान से जुड़े विवाद को लेकर शनिवार को हवेली खड़गपुर थाना का घेराव किया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्षों से सार्वजनिक उपयोग में रहे मैदान को गांव के ही कुछ लोगों द्वारा जबरन जोता जा रहा है. वहीं ग्रामीणों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराये जाने को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जतायी. ग्रामीणों के अनुसार गोड़घुआ मैदान का उपयोग कई पीढ़ियों से सार्वजनिक रूप से किया जाता रहा है. इस मैदान में स्थानीय युवा फुटबॉल, वॉलीबॉल सहित अन्य खेलों का अभ्यास करते हैं. इसके अलावा आदिवासी समाज की पारंपरिक बोंगा-सिंग पूजा, छाता पूजा सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन भी इसी मैदान में होते रहे हैं.
ग्रामीणों का दावा अमरदीप सोरेन के पूर्वजों ने सार्वजनिक उपयोग के लिए दी थी जमीन
ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में अमरदीप सोरेन के पूर्वजों ने इस जमीन को ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया था. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अमरदीप सोरेन, अखिलेश्वर सोरेन, मोहन सोरेन, अविनाश सोरेन एवं उनके अन्य भाइयों द्वारा उक्त मैदान को जबरन जोता जा रहा है. इसका विरोध करने पर उनके साथ विवाद और मारपीट की जाती है. कुछ ग्रामीणों ने घर में घुसकर लाठी-डंडे एवं धारदार हथियार से मारपीट करने तथा परिवार की महिलाओं द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किये जाने का भी आरोप लगाया.
भूमि विवाद का मामला एसडीओ व सीओ को दी जायेगी जानकारी
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि अमरदीप सोरेन एवं उनके भाइयों की ओर से संबंधित भूमि को जोता गया है. उनका दावा है कि उक्त जमीन उनकी पैतृक संपत्ति है और वर्तमान में भूमि की रसीद भी उनके परिवार के नाम से कट रही है. दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि जमीन वर्षों से सार्वजनिक खेल मैदान के रूप में उपयोग होती रही है और इसे संबंधित परिवार के पूर्वजों द्वारा ग्रामीणों के सार्वजनिक उपयोग के लिए दिया गया था.
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामला मूल रूप से भूमि विवाद से संबंधित है. मामले की जानकारी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को दी जायेगी, ताकि भूमि से संबंधित अभिलेखों एवं दावों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके.
