विद्यालय कार्य में अनियमितता बरते जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग

प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय विकास के लिए मिलने वाली राशि का दुरुपयोग कर रही है.

मध्य विद्यालय सरौना की प्रधानाध्यापिका पर अनियमितता का आरोप संग्रामपुर मध्य विद्यालय सरौना इन दिनों गंभीर आरोपों के चलते चर्चा में है. ग्रामीणों ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका सुनैना रानी पर विकास मद की राशि, मध्याह्न भोजन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में घोर अनियमितता का आरोप लगाते हुए आक्रोश व्यक्त किया और शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों से जांच की मांग की है. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय विकास के लिए मिलने वाली राशि का दुरुपयोग कर रही है. उनका कहना है कि वह विद्यालय की सचिव सीता देवी से भी धोखे से हस्ताक्षर करवा कर राशि की निकासी कर ली है. ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में प्रतिदिन लगभग 90 से 100 छात्र उपस्थित होते हैं. जबकि उपस्थिति रजिस्टर में 200 से अधिक बच्चों को उपस्थिति दर्शायी जाती है और मध्याह्न भोजन के खाद्यान्न में हेराफेरी की जाती है. मध्याह्न भोजन में मीनू का भी पालन नहीं किया जाता है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के भवन निर्माण में भी अनियमितता बरती गई है. चारदीवारी की मरम्मत के नाम पर ठेकेदार से मिलकर पुराने दीवार पर ही प्लास्टर कर नया दिखाने का प्रयास किया गया है. पंचायत के पूर्व मुखिया राम स्नेही यादव, राजीव यादव, रणवीर यादव, विजय यादव, विलास यादव, अरुण यादव समेत अन्य ग्रामीणों ने विद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत की और वरीय अधिकारियों से जांच की मांग करते हुए कार्रवाई की मांग की. इस संबंध में प्रधानाध्यापिका सुनैना रानी ने बताया कि मेरे उपर लगाये गये आरोप निराधार है और मनगढंत तरीके से मुझे फंसाने की साजिश की जा रही है.

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Published by: Anand kumar

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