मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय में जहां वर्ष 2025 के दिसंबर माह में अनुभव प्रमाण पत्र में कमी के बावजूद बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग से मिले दो विषयों के तीन शिक्षकों की पोस्टिंग ने कई सवाल खड़े कर दिये थे. वही पूर्व में पोस्टिंग स्थगित करने की सूचना जारी नहीं करने के बाद अब बिना नये पोस्टिंग की इन तीनों शिक्षकों की उपस्थिति न केवल उनके कॉलेजों में बन रही है, बल्कि उनकी उपस्थिति पंजी भी विश्वविद्यालय को भेजी जा रही है.
बताया जाता है कि एमयू द्वारा 20 दिसंबर 2025 को दो विषयों में तीन सहायक प्राध्यापकों की पोस्टिंग की अधिसूचना जारी की गयी थी. इसमें अंग्रेजी विषय की सहायक प्राध्यापिका डॉ रीता कुमारी तथा रसायनशास्त्र विषय के दो सहायक प्राध्यापक डॉ संदीप सुधांशु और डॉ शरदा चंद्रा शामिल थे, जबकि इन तीनों शिक्षकों के अनुभव प्रमाण में कमी पायी गयी थी. जिसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा मौखिक रूप से ही तीनों शिक्षकों के पोस्टिंग प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था.तीनों शिक्षकों की बन रही उपस्थिति
वैसे तो विश्वविद्यालय द्वारा तीनों शिक्षकों के पोस्टिंग पर रोक को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की गयी थी, लेकिन इसके लिए विश्वविद्यालय द्वारा एक कमेटी जरूर बनायी गयी थी. इस बीच अब तीनों शिक्षकों की उपस्थिति भी उनके कॉलेजों में बन रही है. जिसकी उपस्थिति पंजी भी नियमित रूप से विश्वविद्यालय को प्राप्त हो रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूर्व में जहां तीनों शिक्षकों के पोस्टिंग को लेकर कोई अधिसूचना जारी नहीं की गयी. एमयू में तीनों शिक्षकों की पोस्टिंग अधिसूचना जारी होने के बाद से ही कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि अधिसूचना जारी होने के बाद खुद कुलपति को इसकी जानकारी नहीं थी. ऐसे में अब एमयू में शिक्षकों की नियुक्ति व पोस्टिंग खुद कई बड़े सवाल खड़े कर रही है.तीनों शिक्षकों के अनुभव प्रमाण पत्र से संबंधित विश्वविद्यालय के कुलसचिव व कॉलेज के प्राचार्य को रिपोर्ट प्राप्त हो गयी है. जिसके बाद तीनों शिक्षक की उपस्थिति बनायी जा रही है.
