मानदेय की मांग को लेकर धरना पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मियों ने विश्वविद्यालय में जड़ा ताला

विश्वविद्यालय चार माह के मानदेय का भुगतान कर दे और गणना के बाद शेष भुगतान करे

– विद्यार्थियों की सूचना पर पहुंची पुलिस, विश्वविद्यालय अधिकारियों से की बात

मुंगेर

17 माह के बकाये मानदेय की मांग को लेकर धरना पर बैठे मुंगेर विश्वविद्यालय के आउटसोर्सिंग कर्मियों ने मंगलवार को विश्वविद्यालय मुख्यालय के गेट में ताला जड़ दिया. हलांकि अधिकारियों के पहुंचने पर कर्मियों ने ताला खोल दिया, लेकिन इस बीच विश्वविद्यालय द्वारा किसी प्रकार की पहल नहीं करने पर आउटसोर्सिंग कर्मियों ने दोबारा दोपहर 3 बजे विश्वविद्यालय गेट पर ताला लगा दिया. इस बीच विद्यार्थियों की सूचना पर पूरबसराय तथा 112 की पुलिस पहुंची. जिसके द्वारा ताला खुलवाकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बात की गयी.

धरना पर बैठे आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा मानदेय गणना को लेकर कमिटी बनायी गयी है, लेकिन विश्वविद्यालय अपने वादे के अनुसार चार माह के मानदेय का भुगतान नहीं कर रही है. विश्वविद्यालय चार माह के मानदेय का भुगतान कर दे और गणना के बाद शेष भुगतान करे, ताकि 17 माह से बिना मानदेय के कार्य कर रहे आउटसोर्सिंग कर्मियों को थोड़ी राहत मिल सके. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने कहा कि विश्वविद्यालय मानदेय भुगतान को लेकर बार-बार केवल आश्वासन देता है. जबकि अबतक कई बार चार माह तो पांच माह के मानदेय भुगतान का आश्वासन दिया गया है, लेकिन भुगतान एक माह का भी नहीं किया गया है. ऐसे में विश्वविद्यालय बार-बार मानदेय भुगतान को लेकर टालमटोल कर रहा है. आउटसोर्सिंग कर्मियों ने बताया कि मंगलवार को भी अधिकारियों द्वारा कहा गया कि मानदेय भुगतान की प्रक्रिया की जा रही है, लेकिन जबतक विश्वविद्यालय द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों के मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है. आउटसोर्सिंग कर्मियों का हड़ताल और धरना जारी रहेगा.

सूचना पर पहुंची पुलिस ने अधिकारियों से की बात

मंगलवार को आउटसोर्सिंग कर्मियों द्वारा विश्वविद्यालय मुख्यालय गेट में तालाबंदी करने के कारण कई विद्यार्थी बाहर ही रह गये. इस बीच विद्यार्थियों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गयी. जिसके बाद सूचना पर पूरबसराय तथा 112 गश्ती वाहन की पुलिस विश्वविद्यालय पहुंची. जिसके द्वारा आउटसोर्सिंग कर्मियों को समझा-बुझा कर ताला खुलवाया गया. साथ ही पुलिस द्वारा इसे लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बात की गयी. हलांकि अधिकारियों से बात करने के बाद पुलिस आउटसोर्सिंग कर्मियों को मानदेय भुगतान की प्रक्रिया होने तथा विश्वविद्यालय में तालाबंदी नहीं करने की बात कहकर चली गयी. जबकि इधर आउटसोर्सिंग कर्मी अपने मानदेय भुगतान की मांग को लेकर अड़े रहे.

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By AMIT JHA

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