तारापुर (मुंगेर) . पारामाउंट एकेडमी, तारापुर के प्रांगण में शनिवार को शिक्षक दिवस उत्सवी माहौल में मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक महेश कुमार सिंह, पारामाउंट लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष आलोक कुमार झा, प्रबंध निदेशक स्वेता मंजरी, स्कूल मैनेजर कुमारी अनुराधा, पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, पूर्व प्रबंध निदेशक बेदानंद झा, प्राचार्य उमेश पाठक, एकेडमिक निदेशक पुरुषोत्तम कुमार सिंह, उप प्राचार्य सुरजीत पांडा ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम के शुरुआत में छात्रा अदिति व उनके टीम ने गुरू वंदना की प्रस्तुति की.
शिक्षक ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि सही दिशा देने वाला सच्चा मार्गदर्शक
निदेशक महेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक का जीवन में विशेष महत्व है. शिक्षक केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाला सच्चा मार्ग-दर्शक एवं भविष्य निर्माता हैं. शिक्षक छात्र-छात्राओं में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और जिम्मेदारी की भावना को विकसित करते हैं. उन्होंने कहा कि व्यक्ति के पहले गुरु माता तो दुसरे गुरु प्रकृति. जबकि तीसरे गुरु पिता एवं चौथे गुरु शिक्षक होते हैं, जिनसे आप शिक्षा ग्रहण करते हैं.
अध्यक्ष आलोक झा ने कहा कि एक शिक्षक का कर्तव्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है. परिमल किशोर झा ने कहा कि भारतीय संस्कृति और दर्शन के प्रचार-प्रसार में डा. राधाकृष्णन का योगदान अविस्मरणीय है. प्रबंधक कुमारी अनुराधा ने कहा कि शिक्षक अपने ज्ञान और अनुभव से ऐसे नागरिकों का निर्माण करते हैं, जो देश और समाज के विकास में सकारात्मक योगदान देते हैं. प्रबंध निदेशक श्वेता मंजरी ने कहा कि शिक्षक दिवस पर ही नहीं, बल्कि शिक्षक सदैव सम्मान के पात्र हैं.
सारे तीरथ धाम आपके चरणों में... गीत पेशकर श्रोता हुए भावविभोर
कार्यक्रम में कक्षा 4ए की दिव्यांशी कुमारी और उनकी टीम ने गुरु ज्ञान की बातें तेरी गीत पर शानदार नृत्य पेश की. वहीं संध्या की टीम ने शुक्रिया नृत्य प्रस्तुत कर गुरुओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की. नाटक में लराइब, मीठी, समा और अनाइजा की टीमों ने अपने अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं. भाषण में सौम्या, अभिजीत, कृति सेन, श्रेया राज, तन्नू व अंशु प्रिया ने अंग्रेजी और हिंदी में शिक्षकों के महत्व पर प्रभावशाली विचार रखे. गीतों की श्रृंखला में प्राची, इशांत कुमार, वैष्णवी तथा साक्षी ने गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना... और सारे तीरथ धाम आपके चरणों में... जैसे गीतों से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया.
कार्यक्रम का संचालन कृति सेन एवं दिव्या मिश्रा ने किया. जबकि लय देने में संगीत शिक्षक राम कुमार पंडित एवं तबला पर पवन भारती ने महती भूमिका निभाई. कार्यक्रम में आर्यन राज उर्फ राजा का महत्वपूर्ण योगदान रहा.
