Munger University News : बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम संशोधन बिल के विरोध में मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (मुगुटा) ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है. संघ का कहना है कि प्रस्तावित संशोधन विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और शिक्षकों के अधिकारों को प्रभावित करेगा. इसे लेकर शिक्षकों ने कई अहम कार्यक्रम तय किए हैं.
आभासी बैठक में आंदोलन की रणनीति पर बनी सहमति
मुंगेर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (मुगुटा) की आयोजित आभासी बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन की रूपरेखा तय की गई. बैठक में कहा गया कि प्रस्तावित संशोधन विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है. इसी के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया.
कुलाधिपति से लेकर मुख्यमंत्री तक भेजा जाएगा विरोध पत्र
संघ ने निर्णय लिया कि सभी कॉलेज इकाइयां कुलाधिपति, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तथा शिक्षक जनप्रतिनिधियों को संशोधन बिल के विरोध में पत्र भेजेंगी. इसकी प्रतिलिपि विश्वविद्यालय के कुलपति को भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि शिक्षकों की आपत्तियों से प्रशासन को अवगत कराया जा सके.
24 जुलाई को कॉलेजों में सांकेतिक धरना
मुगुटा ने 24 जुलाई को सभी संबद्ध कॉलेजों में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक बैनर के साथ सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया है. धरना समाप्त होने के बाद प्राचार्य के माध्यम से कुलपति के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा.
27 जुलाई को सामूहिक अवकाश लेकर मुख्यालय में प्रदर्शन
संघ के निर्णय के अनुसार 27 जुलाई को सभी शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और विश्वविद्यालय मुख्यालय में धरना देंगे. इसी दौरान बैठक कर आंदोलन की आगामी रणनीति और संघर्ष की रूपरेखा तय की जाएगी.
25 जुलाई को होगी समीक्षा बैठक
24 जुलाई के कार्यक्रम की समीक्षा के लिए 25 जुलाई को फिर से आभासी बैठक आयोजित की जाएगी. इस बैठक में शिक्षकेतर कर्मचारियों को भी आंदोलन से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा होगी. साथ ही सभी कॉलेज इकाइयों को 25 जुलाई तक संगठन का पुनर्गठन पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
शिक्षकों से एकजुट रहने की अपील
कार्यकारी महासचिव मुकेश कुमार, महासचिव हरिश्चंद्र शाही और अध्यक्ष मु. अलाउद्दीन ने सभी शिक्षकों से एकजुट होकर विश्वविद्यालय की स्वायत्तता और उच्च शिक्षा के हित में आंदोलन को सफल बनाने की अपील की.
