मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के तारापुर आगमन को लेकर शहर का नजारा रातोंरात बदला हुआ नजर आने लगा है. शहर की हृदयस्थली माने जाने वाले शहीद स्मारक चौक और थाना चौक पर जहां आम दिनों में सड़कें अतिक्रमण की चपेट में रहती हैं, वहीं मुख्यमंत्री के आगमन से पहले रास्ते खुले और चौड़े दिखाई दे रहे हैं.
सड़क पर न ठेला, न दुकान, पुलिस की सख्ती
प्रशासन की मुस्तैदी का असर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर साफ दिखाई दे रहा है. पुलिस के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं और सड़क पर किसी भी वाहन या दुकान को रुकने नहीं दिया जा रहा है. ठेले और अस्थायी दुकानें हटने के बाद लंबे समय बाद मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा खुला नजर आ रहा है.
स्थानीय लोगों ने व्यवस्था पर उठाया सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बदलाव स्थायी होने के बजाय वीआईपी दौरे तक सीमित रह जाता है. उनका कहना है कि जब भी किसी बड़े अधिकारी, वीआईपी या मुख्यमंत्री का तारापुर दौरा होता है, प्रशासन कुछ घंटों में शहर को अतिक्रमण मुक्त करा देता है. लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही सड़क पर फिर से वही स्थिति लौट आती है.
थाना चौक और शहीद स्मारक चौक पर रोज लगता है जाम
थाना चौक और शहीद स्मारक चौक पर नियमित रूप से लगने वाला जाम शहरवासियों के लिए रोज की परेशानी बन चुका है. फुटपाथ से लेकर मुख्य सड़क तक अतिक्रमण रहने के कारण पैदल चलने वालों को भी काफी परेशानी होती है. सड़क किनारे दुकानें, ठेले और ई-रिक्शा की अनियंत्रित आवाजाही स्थिति को और गंभीर बना देती है.
ई-रिक्शा और दुकानों के कारण बढ़ती परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क किनारे अनियोजित तरीके से ई-रिक्शा खड़े होने और दुकानदारों द्वारा सड़क तक सामान फैलाने के कारण प्रमुख चौक स्थायी जाम केंद्र में बदल गए हैं. पीक समय में स्थिति और खराब हो जाती है और लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है.
जनता पूछ रही, वीआईपी के बाद क्यों नहीं रहती सख्ती
शहरवासियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर मुख्यमंत्री के आगमन पर पुलिस और प्रशासन कुछ ही घंटों में तारापुर की सड़कों को व्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त करा सकता है, तो आम दिनों में ऐसी व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई देती. लोगों की मांग है कि वीआईपी दौरे के समय होने वाली कार्रवाई को नियमित अभियान का रूप दिया जाए, ताकि शहर को रोज जाम और अतिक्रमण से राहत मिल सके.
