Munger News: सावन के पवित्र महीने में सुल्तानगंज से देवघर तक की कठिन कांवर यात्रा पर हर साल लाखों शिवभक्त निकलते हैं. लेकिन इस बार मुंगेर जिले के असरगंज क्षेत्र में कांवरिया पथ पर एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राहगीरों और श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. खगड़िया जिले के सुधांशु बम आंखों पर पट्टी बांधकर 105 किलोमीटर की डाक बम यात्रा पर निकले हैं. वे अपने साथियों के साथ बिना रुके बाबा बैद्यनाथ धाम की ओर बढ़ रहे हैं. यह लगातार दूसरा वर्ष है जब वे आंखों पर पट्टी बांधकर यह कठिन यात्रा कर रहे हैं, जबकि पिछले 13 वर्षों से हर सावन सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर तक जलार्पण करने जाते रहे हैं.
उनका कहना है कि यह किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए नहीं, बल्कि केवल भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट विश्वास और मां की प्रेरणा से लिया गया संकल्प है. कांवर पथ पर उन्हें देखकर अन्य श्रद्धालु भी उनकी भक्ति और साहस की सराहना कर रहे हैं.
13 वर्षों से लगातार कर रहे हैं कांवर यात्रा
सुधांशु बम खगड़िया जिले के रहने वाले हैं और पिछले 13 वर्षों से हर सावन में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम तक की यात्रा करते हैं.
इस बार वे लगातार दूसरे वर्ष आंखों पर पट्टी बांधकर डाक बम यात्रा कर रहे हैं. उनके साथ अन्य शिवभक्त भी यात्रा में शामिल हैं और पूरी टीम एक साथ बाबा धाम की ओर बढ़ रही है.
मां की प्रेरणा से लिया कठिन संकल्प
सुधांशु बम ने बताया कि आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा करने का निर्णय उनकी व्यक्तिगत श्रद्धा और मां की प्रेरणा से जुड़ा है.
उन्होंने कहा कि उनके मन में किसी प्रकार की सांसारिक कामना नहीं है. उनका विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों की मनोकामनाएं बिना मांगे भी पूरी कर देते हैं. इसलिए वे केवल भक्ति और विश्वास के सहारे यह कठिन यात्रा पूरी कर रहे हैं.
105 किलोमीटर की डाक बम यात्रा ने खींचा ध्यान
सुल्तानगंज से देवघर तक की लगभग 105 किलोमीटर लंबी डाक बम यात्रा को सबसे कठिन धार्मिक यात्राओं में माना जाता है.
ऐसे में आंखों पर पट्टी बांधकर लगातार आगे बढ़ते सुधांशु बम को देखकर राहगीर और अन्य कांवरिये भी आश्चर्य और श्रद्धा से भर उठे. कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान शिव के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण बताया.
कांवर पथ पर बना आस्था का अनोखा दृश्य
असरगंज क्षेत्र से गुजरते समय सुधांशु बम को देखने के लिए कई लोग कुछ देर के लिए रुक गए.
कांवर पथ पर मौजूद श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसी भक्ति और आत्मविश्वास विरले ही देखने को मिलता है. उनके इस संकल्प ने यात्रा मार्ग पर भक्ति का एक अलग ही वातावरण बना दिया.
Munger News: श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का प्रतीक
सावन में कांवर यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्वास, अनुशासन और समर्पण की यात्रा भी मानी जाती है.
सुधांशु बम की आंखों पर पट्टी बांधकर की जा रही यह डाक बम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का विषय बन गई है. उनका कहना है कि जब मन में भगवान भोलेनाथ के प्रति पूर्ण विश्वास हो, तो कठिन से कठिन मार्ग भी आसान लगने लगता है.
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