आंधी-बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, आज भी है संभावना
जिले में तेज हवा और बारिश से मकई-मूंग की फसल को भारी नुकसान, अगले दो दिनों तक अलर्ट जारी
-जिले में तेज हवा और बारिश से मकई-मूंग की फसल को भारी नुकसान, अगले दो दिनों तक अलर्ट जारी
मुंगेर
भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को शुक्रवार को अचानक बदले मौसम ने राहत दी. हालांकि किसानों के लिए यह बारिश आफत बनकर आई है. तेज आंधी और बारिश से खेतों में लगी मकई और मूंग की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.
मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी, गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. मौसम विभाग ने मुंगेर जिले में हाई अलर्ट किया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से घरों में रहने, पेड़ों के नीचे न खड़े होने और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है. जबकि कृषि विभाग ने किसानों एवं पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी कर रखा है.
खेतों में गिरी मकई, मूंग की फसल पर संकट
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान कृषि विज्ञानी मुकेश कुमार ने बताया कि इस बेमौसम बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान मकई और मूंग की फसल को हुआ है. उन्होंने कहा कि इस समय मकई की कटाई चल रही है और कई खेतों में फसल तैयार खड़ी है. तेज हवा के कारण कई जगहों पर मकई की फसल खेतों में गिर गई. वहीं बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने से हार्वेस्टिंग का काम भी प्रभावित होगा. उन्होंने बताया कि तारापुर, टेटियाबंबर और असरगंज क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मूंग की खेती होती है. इस समय मूंग में फलियां लगी हैं और फसल को पानी की जरूरत नहीं होती. ऐसे में बारिश से मूंग की फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है. हालांकि गरमा सब्जियों जैसे परवल, करैला, नेनुआ, कद्दू और खीरा की फसल को इस बारिश से फायदा मिलने की संभावना है.
किसानों और पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी
कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से जारी एडवाइजरी में किसानों को खेतों में कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर ढंककर रखने की सलाह दी गई है. साथ ही खड़ी फसल में फिलहाल सिंचाई रोकने और आसमान साफ होने के बाद ही खाद एवं कीटनाशक का छिड़काव करने को कहा गया है. पशुपालकों को दुधारू पशुओं का गलाघोटू और लंगड़ी रोग से बचाव के लिए टीकाकरण कराने की सलाह दी गई है.