अवैध हथियार निर्माण, बिक्री व तस्करी का धंधा रोकना पुलिस के लिए चुनौती

मुंगेर पुलिस जितना भी हथियार निर्माण, खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती है, उतना ही फल-फूल रहा यह धंधा

2024 में 52 से 2025 में 55 मिनीगन फैक्टरी का पुलिस कर चुकी है खुलासा

मुंगेर. दशकों से मुंगेर अवैध हथियार के मंडी के रूप में देश-दुनिया भर में मशहूर रहा है. कट्टा से लेकर पिस्टल, कार्बाइन, एके-47, एसएलआर, इंसास, राइफल समेत अन्य आधुनिक हथियारों का यहां न सिर्फ निर्माण हो रहा है, बल्कि इसकी खरीद-बिक्री और तस्करी भी लगातार हो रही है. पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार, सिर्फ 2025 में मुंगेर पुलिस ने 55 मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया. वहीं 2024 में 52 मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया गया था, जो मुंगेर में हथियारों की नहीं थमने वाले धंधे की कहानी बयां कर रहा है.

कुटिर उद्योग का ले लिया है रूप

मुंगेर पुलिस जितना भी हथियार निर्माण, खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ अभियान चलाती है, उतना ही यह धंधा फल-फूल रहा है. क्योंकि इस धंधे ने यहां कुटिर उद्योग का रूप धारण कर लिया और बेरोजगारी दूर करने तथा कम समय में अधिक कमाई का रोजगार बन गया है. मुंगेर पुलिस के कार्रवाई की बात करें तो 2024 में पुलिस ने 52 मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया था और कुल 73 हथियार कारीगर, धंधेबाज व तस्कर को गिरफ्तार किया था. उस साल 200 से अधिक विभिन्न प्रकार के हथियार और 1000 से अधिक कारतूस बरामद किया गया था. जबकि 2025 के कार्रवाई में मुंगेर पुलिस ने कुल 55 मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन किया और 65 हथियार निर्माता, कारीगर और तस्करों को गिरफ्तार किया. इसमें कई दूसरे जिले और राज्य के रहने वाले भी शामिल है. पुलिस ने इस वर्ष 220 से अधिक कट्टा, पिस्टल, रिवाल्वर, पेन पिस्टल समेत अन्य हथियार बरामद किया. जबकि 1500 से अधिक विभिन्न बोर के कारतूस पुलिस ने बरामद किये.

धंधे पर लगाम लगाना पुलिस के लिए होगी चुनौती

मुंगेर में अवैध हथियार के धंधे का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. यह वहीं मुंगेर है जहां मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित ऑडिनेंस फैक्टरी से एके-47 तक चोरी कर लाया गया और इसे आंतकी, उग्रवादी, माओवादी और कुख्यात अपराधियों को बेचा गया. मुंगेर पुलिस के लिए नये साल में भी अवैध हथियार निर्माण, खरीद-बिक्री और तस्करी पर लगाम लगाना चुनौती भरा होगा. क्योंकि यहां की भौगोलिक स्थिति इस धंधे को बढ़ावा दे रही है. एक तरफ गंगा और दियारा है, तो दूसरी तरह घने जंगल और पहाड़ हैं. देखना है कि इस वर्ष मुंगेर पुलिस इस अवैध हथियार धंधे पर किस तरह रोक लगा पाती है.

केस स्टडी – 1

24 दिसंबर 2025

: अवैध हथियार निर्माण की गुप्त सूचना पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एसटीएफ और मुफस्सिल थाना की टीम ने तारापुर दियारा में संयुक्त छापेमारी की. जहां से पुलिस ने 7 मिनी गन फैक्ट्ररी का उद्भेदन किया था. पुलिस ने 7 बेस मशीन, 2 देसी पिस्टल, 1 अर्द्धनिर्मित पिस्टल, 4 कारतूस, 2 मैगजीन, 3 अर्द्धनिर्मित मैगजीन, 2 ड्रिल मशीन के अलावा हथियार बनाने में प्रयुक्त हो रहे कई उपकरणों को पुलिस ने बरामद किया था. जबकि हरिणमार थाना क्षेत्र के रेता निवासी छबीला सिंह, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड बिन्दटोली निवासी सौरभ कुमार और सीताकुंड मंडल टोला निवासी सिन्टू कुमार मंडल को हथियार बनाते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था.

केस स्टडी – 2

10 दिसंबर 2025

: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंगापार बिन्दटोली भेलवा दियारा में एसटीएफ और मुफस्सिल थाना पुलिस ने छापेमारी कर मिनी गन फैक्टरी का उद्भेदन किया. पुलिस ने हथियार निर्माण में लगे एक कारीगर मिर्जापुर बरदह निवासी मो फैयाज को गिरफ्तार किया था. मौके पर से 4 बेस मशीन, 3 निर्मित पिस्टल, 2 अर्द्धनिर्मित पिस्टल, 3 कारतूस, 1 मैगजीन, 1 ड्रील मशीन के अलावा हथियार बनाने में प्रयुक्त होने वाला कई उपकरण बरामद किये थे.

कहते हैं पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि अवैध हथियार निर्माण व तस्करी के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है. हाल के दिनों में भी छापेमारी में कई मिनीगन फैक्टरी का उद्भेदन करते हुए कई धंधेबाजों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस का यह अभियान लगातार चलता रहेगा. उन्होंने इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों से अपील की कि इस गलत धंधे को छोड़कर समाज की मुख्य धारा से जुड़ें और सम्मान के साथ जिंदगी व्यतीत करें.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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