असरगंज से हिमांशु कुमार सिंह की रिपोर्ट:
Shravani Mela 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर मुंगेर जिला प्रशासन और विभिन्न विभाग सक्रिय हो गए हैं. मुंगेर जिला सीमा के कमराय मोड़ से कच्ची कांवरिया पथ पर आरसीडी के संवेदक द्वारा गंगा बालू का स्टॉक करने का कार्य शुरू कर दिया गया है. पथ के किनारे-किनारे सफेद बालू जमा किया जा रहा है, जिसे बाद में कांवरिया पथ पर बिछाया जाएगा.
मालूम हो कि इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से प्रारंभ होने जा रहा है. ऐसे में लाखों कांवरियों की सुविधा को देखते हुए पथ को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है.
बालू स्टॉकिंग शुरू, लेकिन कई कार्य अब भी अधूरे
कांवरिया पथ पर बालू स्टॉक करने का कार्य तो शुरू हो गया है, लेकिन झाड़ियों की सफाई, रेनकट वाले स्थानों की मरम्मत और मिट्टी भराई का कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है. स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रावणी मेले में सबसे महत्वपूर्ण कार्य कांवरिया पथ को समतल और सुरक्षित बनाना होता है, ताकि शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
अवैध बालू ट्रैक्टरों से क्षतिग्रस्त हुआ पथ
कांवरिया पथ पर अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों के आवागमन से कई स्थानों पर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है. यदि समय रहते इन गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो मेले के दौरान कांवरियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है.
बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
श्रावणी मेला नजदीक आने के बावजूद विद्युत विभाग द्वारा अब तक व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू नहीं की गई है. वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से अस्थायी शौचालयों और चापाकलों की मरम्मत का कार्य भी शुरू नहीं हुआ है. यदि समय पर कार्य नहीं हुआ तो विभागों को अंतिम समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
पर्यटन विभाग की सुविधाओं की भी नहीं हुई मरम्मत
कांवरिया पथ पर श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए लगाए गए बेंच और कांवर स्टैंड भी जर्जर स्थिति में हैं. कई स्थानों पर असामाजिक तत्वों द्वारा बेंच क्षतिग्रस्त कर दिए गए हैं. अब तक इनकी मरम्मत शुरू नहीं होने से श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है.
डीएम कर चुके हैं निरीक्षण
करीब 15 दिन पूर्व मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज ने कमराय से कुमारसर तक कच्ची कांवरिया पथ का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए थे. अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि विभागीय स्तर पर तैयारियां कितनी तेजी से पूरी की जाती हैं.
