मुंगेर गोशाला से सात गाय व एक बछड़ा की चोरी, जांच में जुटी पुलिस

मुंगेर शहर के पूरबसराय गोशाला से गुरुवार की रात चोरों ने सात गाय और एक बछड़ा की चोरी कर ली

मुंगेर.

मुंगेर शहर के पूरबसराय गोशाला से गुरुवार की रात चोरों ने सात गाय और एक बछड़ा की चोरी कर ली. इसे लेकर गोशाला में गाय व बछड़ा की देखभाल में तैनात गौ सेवक मोती सिंह ने पूरबसराय थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित शिकायत की है. पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है.

बताया जाता है कि मुंगेर गोशाला में कुल 46 गाय, बछ़ड़े और सांढ रह रहे हैं. गौ सेवक मोती सिंह शुक्रवार की सुबह गायों को खाना देने पहुंचा. जब उसने गाय व बछ़ड़ा को खाना देने लगा तो मवेशी की संख्या उसे कम लगी. जब उसने गिनती की तो सात गाय और एक बछ़ड़ा कम था. सूचना मिलते ही राष्ट्रीय गौ रक्षक दल के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गये. सूचना पर डायल-112 की टीम भी पहुंची और मामले की छानबीन की. प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी कि गोशाला के पीछे लगे टीन के दरवाजे को तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुए और वारदात को अंजाम दिया. टीन के चदरे से बने दरवाजे की हालत देख साफ अंदेशा लगाया जा रहा है कि चोरों ने पहले से रेकी कर इस कमजोर हिस्से को निशाना बनाया. इतना ही नहीं गोशाला के पूर्वी तरफ भी दरबाजा नहीं है. चोर उधर से भी गायों की चोरी कर ले गये होंगे.

अज्ञात चोरों के खिलाफ पूरबसराय थाने में की गयी शिकायत

गोशाला समिति के सचिव प्रभुदयाल सागर ने बताया कि सात गाय और एक बछड़ा का चोरों ने चोरी कर ली है. इसको लेकर गौ सेवक मोती सिंह ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पूरबसराय थाना में लिखित शिकायत की है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कुल 46 गाय, बछड़ा यहां था. जो लावारिस और गौ तस्करों से मुक्त कराये थे. जिसकी देखभाल करने के लिए मात्र एक गौ सेवक है. जबकि नाइट गार्ड की यहां प्रतिनियुक्ति नहीं है. इसको लेकर पदेन अध्यक्ष सह एसडीओ सदर को लिखित पत्राचार किया गया है.

कहते हैं थानाध्यक्ष

पूबसराय थानाप्रभारी सौरभ कुमार ने बताया कि आवेदन मिला है, पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है. चोरों को शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

———————————————————————-

बॉक्स

———————————————————————

गोशाला समिति का चुनाव होना जरूरी, तभी सुधरेंगी स्थिति

मुंगेर. 12 सदस्यीय तदर्थ समिति के हाथ में वर्तमान समय में गोशाला संचालन की जिम्मेदारी है. गोशाला तदर्थ समिति में पदेन अध्यक्ष एसडीओ, पदेन सदस्य जिला पशुपालन पदाधिकारी हैं. जबकि प्रभू दयाल सागर सचिव, सौरभ निधि उपाध्यक्ष, प्रीतम सिंह सह सचिव, कृष्णा अग्रवाल कोषाध्यक्ष को बनाया गया. सदस्य के रूप शहर के कई बडे व्यवसायी, नेता व दिग्ग्जों को शामिल किया गया. लेकिन तदर्थ समिति भी गोशाला का संचालन सही तरीके से नहीं कर पा रही है. सचिव प्रभु दयाल सागर ने कहा कि जब तक गोशाला समिति का चुनाव नहीं होता है, तब तक स्थिति में सुधार होना मुश्किल है. चुनाव होगा तो कमेटि खुद से निर्णय ले कर बेहतर संचालन कर पायेंगे. हर काम के लिए पत्राचार और फाइल बढ़ाना पड़ता है. नाइट गार्ड की प्रतिनियुक्ति होती तो शायद गाय की चोरी नहीं हो पाती.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Birendra kumar sing

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >