दीक्षांत समारोह के बाद अब एमयू के कंधे पर सीनेट बैठक की जिम्मेदारी

मुंगेर विश्वविद्यालय ने 22 मार्च शनिवार को अपना दूसरा दीक्षांत समारोह संपन्न कराया. इसके साथ ही अब एमयू के कंधे पर सीनेट बैठक की बड़ी जिम्मेदारी बांकी है.

सीनेट में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये बजट पारित कराना आवश्यक

प्रतिनिधि, मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय ने 22 मार्च शनिवार को अपना दूसरा दीक्षांत समारोह संपन्न कराया. इसके साथ ही अब एमयू के कंधे पर सीनेट बैठक की बड़ी जिम्मेदारी बांकी है. सीनेट बैठक में एमयू के लिये अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पारित कराना बड़ी चुनौती होगी. विदित हो कि एमयू में साल 2023 में ही सीनेट बैठक आयोजित हुई थी, जबकि 2024 में एमयू सूबे का एकमात्र विश्वविद्यालय रहा. जहां सीनेट की बैठक नहीं हो पायी. वहीं अब वित्तीय वर्ष 2024-25 समाप्त होने में मात्र एक सप्ताह रह गया है. ऐसे में अब एमयू के कंधे पर सीनेट बैठक कराना बड़ी जिम्मेदारी हो गयी है, क्योंकि सीनेट बैठक में ही एमयू को अपने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये बजट को पारित कराना है.

पे-फिक्सेशन का पेंच भी हो चुका है पूरा

एमयू का बजट और सीनेट बैठक दोनों ही साल 2024 में प्रमोशन प्राप्त शिक्षक के पे-फिक्सेशन की पेंच में फंसा था. जिसे दीक्षांत के पूर्व ही विश्वविद्यालय ने पूरा कर लिया है. ऐसे में अब एमयू को बजट तैयार कर अपना छठा सीनेट बैठक कराना होगा. सीनेट के पहले विश्वविद्यालय को अपने स्टेच्यूटरी कमिटियों की बैठक करनी होगी. क्योंकि स्टेच्यूटरी कमेटी के निर्णयों को ही सीनेट में रखा जाता है. जिसे सीनेट सदस्य अनुमोदित करते हैं. ऐसे में विश्वविद्यालय के लिये सिंडिकेट, एकेडमिक काउंसिल, एफिलियेशन कमेटी, फाइनेंस कमिटी, न्यू टिचिंग कमेटी सहित लगभग 6 कमेटियों की बैठक कराते हुए सीनेट बैठक कराना मुश्किल भरा होगा.

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By AMIT JHA

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