पीजी विभागों में शिक्षकों की पोस्टिंग से शोध व उच्च शिक्षा होगी बेहतर : कुलपति
कुलपति ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर विश्वविद्यालय के आगामी वर्षों में बेहतर करने के लिए जतायी उम्मीद
By RANA GAURI SHAN | Updated at :
आरडी एंड डीजे कॉलेज ऑडिटोरियम में मनाया गया एमयू का आठवां स्थापना दिवस
मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय के आठवें स्थापना दिवस से पूर्व पीजी विभागों में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों को पद स्वीकृत के बाद पोस्टिंग की गयी है. आशा है कि पीजी विभाग अपने कार्यों के प्रति समर्पण एवं शोध कार्यों की बदौलत विश्वविद्यालय की पहचान स्थापित करने में योगदान करेंगे. उक्त बातें बुधवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित एमयू के आठवें स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो संजय कुमार सिंह ने कही. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो डॉ बिजेंद्र कुमार, एमयू के डीएसडब्ल्यू प्रो महेश्वर मिश्रा, कुलसचिव डॉ घनश्याम राय थे. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में सेमिनार, कॉन्फ्रेंस, वर्कशॉप इत्यादि का आयोजन होना चाहिए. इंटर यूनिवर्सिटी में विश्वविद्यालय ने खेलकूद गतिविधियों में शामिल होकर अपना सक्रिय योगदान दिखाया है. उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय को केंद्रीय या राज्य सरकार से ग्रांट तभी प्राप्त होता है, जब इंटर डिसिप्लिनरी प्रोजेक्ट पर कार्य किया जाता है. उन्होंने शिक्षकों को इस कार्य के लिए प्रेरित किया. साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए क्लास में 75% उपस्थित एवं ड्रेस कोड को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही. कुलपति ने सभी विभागों को समन्वय स्थापित कर विश्वविद्यालय के आगामी वर्षों में बेहतर करने के लिए उम्मीद जतायी.
प्रथम सत्र में हुआ उद्घाटन व वक्ताओं का संबोधन
स्थापना दिवस समारोह का आयोजन दो सत्रों में किया गया. इसके प्रथम सत्र में औपचारिक उद्घाटन व द्वितीय सत्र में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम का संचालन डॉ कृपाशंकर पांडे ने किया. सांस्कृतिक कार्यक्रम में संचालन बीआरएम कॉलेज के डॉ रामरेखा ने किया. कार्यक्रम का संयोजन कार्यक्रम समन्वयक मुनींद्र कुमार सिंह ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण, दीप प्रज्ज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत से हुई. स्वागत भाषण आरडी एंड डीजे कॉलेज के प्राचार्य ने प्रस्तुत किया. कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय सीमित संसाधनों में बेहतर करने का प्रयास कर रहा है. सकारात्मक प्रयास एवं ऊर्जा से विश्वविद्यालय को भविष्य में ऊंचाइयों तक पहुंचने का कार्य किया जायेगा. सीमित साधनों के बावजूद विश्वविद्यालय एनएसएस राष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में अपनी पहचान बना रहा है. डीएसडब्ल्यू ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान नवाचार, शिक्षकों के समर्पण, छात्र-छात्राओं के सक्रिय योगदान, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज से होती है. विश्वविद्यालय इन सभी आयामों पर निरंतर कार्यरत रहेगा.
सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्राओं ने दी मनमोहक प्रस्तुति
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड 2026 में सफल प्रतिभाग करने के लिए एनएसएस स्वयंसेवक अभिजीत राज को सम्मानित किया गया. इसके बाद सांस्कृतिक परिषद के संयोजक डॉ मृत्युंजय मिश्रा के नेतृत्व में छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी. इसमें छात्राओं ने भाव नृत्य, एकल नृत्य, झिझिया, गजल, गरबा, लोकगीत और होरी गीत की शानदार प्रस्तुति दी. इस दौरान राजनंदनी की ओर से भाव नृत्य, मौसमी द्वारा एकल नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिसे देख सभी मंत्रमुग्ध हो गये. वहीं झिझिया नृत्य की प्रस्तुति रिमझिम, गौरी, नीलू, रितिका, श्रुति, प्रीति, रोशनी और कविता ने समां बांध दिया. एकरा खान के गजल और तन्नु श्री की भरी-भरी मटकी जलसो पर नृत्य की प्रस्तुति ने सभी को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया. गरबा नृत्य में लक्ष्मी और राजनंदनी तथा लोक गीत में इकरा खान, पायल गुप्ता, लीली मजुमदार, तन्नु प्रिया और मौसमी मजुमदार की प्रस्तुत ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. होरी समूह नृत्य राजनंदनी, अंकिता, लिलि, पायल, शीतल, लक्ष्मी, रिमझिम, गौरी, नीलू और रितिका ने प्रस्तुत किया. कार्यक्रम में एनएसएस कार्यालय कर्मी भारती कुमारी, सौरभ शांडिल्य, सपनी सहित विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, पीजी विभाग के विभागाध्यक्ष, सीनेट मेंबर, शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद थे.