Munger News: बरियारपुर (मुंगेर). लगातार बारिश के कारण ऋषिकुंड रेलवे हॉल्ट के समीप पुलिया के नीचे से होकर गुजरने वाली सड़क पर पानी जमा हो गया है. पानी का स्तर बढ़ने और सुरक्षा संबंधी समस्या को देखते हुए इस मार्ग से आवागमन बाधित हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर भी बढ़ रहा है, ऐसे में यहां लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति बनी रहने की आशंका है.
चार गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी
सड़क बंद होने से ऋषिकुंड, रतनपुर, उब्भी बनबर्षा और चिरैयाबाद के ग्रामीणों को बरियारपुर प्रखंड एवं अंचल कार्यालय तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा. ग्रामीणों के अनुसार अतिरिक्त 7-8 किलोमीटर की दूरी तय करने से समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ेंगे.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हर साल बनते हैं ऐसे हालात
बरियारपुर क्षेत्र गंगा के कारण बाढ़ प्रभावित इलाका माना जाता है. गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ यहां अक्सर जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के पानी के कारण ऋषिकुंड हॉल्ट के पास पुलिया के नीचे जलजमाव की समस्या इस बार भी गंभीर हो गई है और लंबे समय तक आवागमन प्रभावित रहने की आशंका है.
रेलवे की बैरिकेडिंग से पुराना रास्ता भी बंद
ग्रामीणों के अनुसार पहले लोग बाइक और साइकिल के साथ किसी तरह रेलवे लाइन पार कर आवागमन कर लेते थे. लेकिन अब रेलवे की ओर से हॉल्ट के दोनों तरफ सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है. इससे साइकिल तक निकालने की जगह नहीं बची है. ऐसे में जलमग्न सड़क के अलावा ग्रामीणों के पास कोई आसान वैकल्पिक रास्ता नहीं रह गया है.
रास्ते की मांग को लेकर पहले भी हुआ था आंदोलन
ग्रामीणों ने बताया कि ऋषिकुंड रेलवे हॉल्ट के पास रास्ते की मांग को लेकर पूर्व में एक समाजसेवी ने आमरण अनशन भी किया था. इसके बावजूद रेलवे की ओर से अब तक स्थायी रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई. लोगों का कहना है कि रेलवे कई स्थानों पर पुलिया के नीचे गाइड वाल बनाकर आवागमन का रास्ता उपलब्ध करा रहा है. उसी तर्ज पर ऋषिकुंड हॉल्ट के पास भी रास्ता बनाया जाना चाहिये.
ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग की
Munger News: स्थानीय लोगों ने रेलवे और जिला प्रशासन से पुलिया के नीचे जलनिकासी एवं आवागमन की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता उपलब्ध होने से चार गांवों के लोगों को प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय और स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने में सुविधा होगी. साथ ही बारिश और बाढ़ के दौरान आवागमन की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा.
