झमाझम बारिश ने आम लोगों को दी राहत, किसानों की बढ़ी परेशानी
शुक्रवार की संध्या मौसम ने करवट बदला और आकाश में काले बादल छा गए. बिजली चमकने लगी इसके साथ ही तेज बौछार शुरू हो गयी.
By RANA GAURI SHAN | Updated at :
जमालपुर. शुक्रवार की संध्या मौसम ने करवट बदला और आकाश में काले बादल छा गए. बिजली चमकने लगी इसके साथ ही तेज बौछार शुरू हो गयी. जिसने मौसम को सुहाना बना दिया, परंतु इस तेज बौछार ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी. वही बारिश के बीच जमालपुर में बिजली की आंखमिचौली शुरू हो गयी. जिसके कारण उपभोक्ता परेशान रहे.
शुक्रवार की संध्या आसमान में बादल छा गया और मेघ गर्जन शुरू हो गया. ऐसे में बिजली की आपूर्ति रोक दी गयी. हालांकि उपभोक्ताओं ने कहा कि जब बौछार के कारण आपूर्ति रोक दी गयी तो बारिश के दिन में तो और परेशानी बढ़ जाएगी. लोगों ने कहा कि ओपन वायर के जगह केबल लगाया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली मिल सके, परंतु शुक्रवार को न तो तेज आंधी आई और न ही तेज बारिश हुई. इसके बावजूद शहर की बिजली बंद कर दी गयी. जुबली वेल फीडर में तो रुक-रुक कर बिजली की आपूर्ति की जाती रही, परंतु जमालपुर फीडर क्षेत्र में आपूर्ति को बंद कर दिया गया.
किसानों की बढ़ी परेशानी
मार्च के महीने में बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है. जमालपुर क्षेत्र के इंदरुख बहियार में दलहन और तिलहन की फसल लगभग तैयार हो चुकी है. मसूर और सरसों की कटनी शुरू हो चुकी है और कुछ फसल खलिहान में पड़ी हुई है. किसान अमित कुमार सिंह और शंभू शरण सिंह ने बताया कि इस बारिश से केवल आम के फसल को लाभ पहुंचेगा, क्योंकि आम का मंजर धूल गया है, जबकि सरसों और मसूर की फसल पूरी तरह तैयार हो गयी है और किसान उसे काट कर खलिहान तक पहुंचा दिए हैं. एक तो पिछले दो दिन से पूर्वा हवा चल रही थी. इसके कारण फसल की दमाही नहीं हो पाई, जबकि शुक्रवार को रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी. उन्होंने बताया कि दमाही करने के लिए तेज पछिया हवा की जरूरत पड़ती है, परंतु दो-तीन दिन से पूर्वा हवा चलने के कारण लोग इंतजार कर रहे थे. अब तो बारिश हो गयी और खलियान पर ही सरसों और मसूर की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गयी. उन्होंने बताया कि तेज हवा नहीं है. इसके कारण खेत में लगी गेहूं की फसल सुरक्षित है, यदि तेज हवा होती तो गेहूं की फसल खेत में पसर जाती और फसल बर्बाद हो जाती, क्योंकि जब गेहूं खेत में पसर जाएगी तो सारा फसल बर्बाद हो जाएगी.