एक वर्ष में पुलिस ने 30363.328 लीटर शराब, 58.55 ग्राम स्मैक किया जब्त

कलम पकड़कर भविष्य संवारने की उम्र में युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे

चिंता. शराब व ड्रग्स के कारण युवा पीढ़ी हो रही बर्बाद

मुंगेर. नशे की लत युवाओं के जीवन को धीरे-धीरे अंधकार में धकेल रही है. कलम पकड़कर भविष्य संवारने की उम्र में युवा नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं, और अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे. मुंगेर में नशे का कारोबार काफी फल-फूल रहा है. यह हम नहीं, बल्कि मुंगेर पुलिस की ओर एक साल में शराब, गांजा, ब्राउन शुगर और स्मैक की बरामदगी बयां कर रही है.

बरामद शराब व सफेद पाउडर बता रहा बढ़ते धंधे की हकीकत

मुंगेर पुलिस शराब के धंधे के खिलाफ लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है. वर्ष 2025 में पुलिस ने जिले में कार्रवाई करते हुए कुल 30363.118 लीटर देसी-विदेशी शराब पकड़ी है. पुलिस ने जहां दियारा, जंगल में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर बन रहे देसी महुआ शराब की हजारों भट्ठियों को ध्वस्त किया. वहीं निर्माण स्थल एवं तस्करी के दारौन 15675.79 लीटर महुआ शराब बरामद की. पुलिस ने एक साल की छापेमारी में 14687.328 लीटर विदेशी शराब बरामद की. इतना ही नहीं पुलिस ने एक वर्ष में जहां 94.08 किलो गांजा बरामद किया, वहीं 143.7 ग्राम ब्राउन शुगर और 58.55 ग्राम स्मैक जब्त किया. जो जिले में गीला और सूखा नशे के बढ़ते धंधे की हकीकत को बया कर रहा है. जानकारों की मानें, तो जिले में जिस तरह से नशे का धंधा बढ़ा है, उसकी तुलना में बरामदगी 25 प्रतिशत भी नहीं है. यानी हर साल 50 करोड़ से अधिक शराब का कारोबार मुंगेर में हो रहा है. यहां शहर के चौक चौराहों से लेकर गांव की गलियों तक नशे की होम डिलेवरी हो रही है.

नशे की गिरफ्त में युवा, चिंता में परिवार

नशे की लत केवल युवाओं को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी तबाह कर रही है. कई माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन नशे के खिलाफ खुलकर बोलने से डरते हैं. क्योंकि शराब के धंधेबाजों की पहुंच काफी तगड़ी है और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं. नशे की गिरफ्त में फंस कर युवा झगड़ालू हो रहे हैं और पैसे नहीं मिलने पर जहां घर में हंगामा करते हैं, वहीं चोरी-चकारी में पड़ जा रहे हैं. चार दिन पूर्व सदर अस्पताल में नल की टोटी चोरी मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने तीन युवकों को पकड़ा था, जिसकी उम्र 20 से 25 वर्ष की थी. उनको नशे की लत थी. अस्पताल से चोरी कर नल की टोटी बेच मिली राशि से नशे का सामान खरीदते थे.

धंधे में पुलिस की संलिप्तता से नहीं किया जा सकता इंकार

मुंगेर. मुंगेर में एक ओर जहां महुआ शराब बनाने के धंधे ने कुटीर उद्योग का रूप धारण कर लिया है. वहीं दूसरी ओर दूसरे जिले से विदेशी शराब की खेप बड़े-बड़े वाहनों से मुंगेर पहुंच रही है. इस अवैध धंधे को सिंडिकेट द्वारा अंजाम दिया जा रहा है, जो असली और नकली विदेशी शराब की आपूर्ति मुंगेर में बड़े पैमाने पर कर रहा है. इस धंधे में पुलिस की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. 28 दिसंबर को मुफस्सिल थाना की क्यूआरटी टीम सादे लिबास में शराब के खिलाफ छापेमारी करने नयारामनगर थाना क्षेत्र के कन्हैयाचक पाटम में छापेमारी करने पहुंची. जहां पर शराब माफिया और पुलिस की भिड़ंत हो गयी और टीम में शामिल एक सिपाही सुरेंद्र कुमार की सर्विस पिस्टल भी छीन ली गयी. इस मामले ने जब तूल पकड़ा, तो एसपी सैयद इमरान मसूद ने पूरे मामले की जांच करायी. इसमें यह हकीकत सामने आयी कि सुरेंद्र कुमार की संलिप्तता शराब के धंधेबाज से है. इसके कारण पांच शराब तस्करों के साथ ही उक्त सिपाही सुरेंद्र कुमार को भी एसपी के आदेश पर गिरफ्तार कर लिया गया और शराब तस्करों के साथ ही उसे भी जेल भेज दिया गया. पांच अन्य सिपाहियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है.

कहते हैं पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने कहा कि शराबबंदी को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है. लगातार शराब की खेप के साथ तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है. दियारा व जंगली क्षेत्र में शराब निर्माण के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. इसमें पुलिस को काफी सफलता मिली है.

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By BIRENDRA KUMAR SING

BIRENDRA KUMAR SING is a contributor at Prabhat Khabar.

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