मुंगेर : प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गयी. इसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने की. कार्यशाला में ग्राम सभा के प्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं समिति के सदस्यों ने भाग लिया.
योजना के उद्देश्यों की दी जानकारी
कार्यशाला में योजना के सफल संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गयी. जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करना है. इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और योजनाओं का पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन आवश्यक है.
समय-सीमा में दायित्व निभाने का निर्देश
डीएम ने समिति के सभी सदस्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा, सतत निगरानी और ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी से ही योजना के उद्देश्य पूरे किए जा सकते हैं.
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर दिया जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ग्राम विकास से संबंधित सभी कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचे, यह सभी विभागों की संयुक्त जिम्मेदारी है.
विकास के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा
कार्यशाला में योजना के विभिन्न प्रावधानों, ग्राम विकास कार्ययोजना तैयार करने, आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका संवर्धन तथा अन्य विकासात्मक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. प्रशिक्षणार्थियों को विभागीय समन्वय, ग्राम स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया गया.
ये अधिकारी रहे मौजूद
मौके पर सिविल सर्जन डॉ. राजू, जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव, जिला कल्याण पदाधिकारी रानी कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संबंधित समिति के सदस्य उपस्थित थे.
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