मरीजों के नेत्र जांच के बाद नहीं मिलता है चश्मा, रोगी स्वास्थ्य केंद्र का लगाते हैं चक्कर

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असरगंज में नेत्र विभाग का हाल बेहाल है. यहां नेत्र सहायक द्वारा प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक रोगियों के आंखों की जांच कर दवा दी जाती है

असरगंज. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असरगंज में नेत्र विभाग का हाल बेहाल है. यहां नेत्र सहायक द्वारा प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक रोगियों के आंखों की जांच कर दवा दी जाती है. लेकिन किन्हीं भी रोगियों को चश्मा नहीं दिया जाता है. उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि चश्मा उपलब्ध नहीं है, एक सप्ताह में आने पर दिया जायेगा. जब रोगी दुबारा चश्मा लेने आता है तो उन्हें फिर जिला से आने का हवाला देकर लौटा दिया जाताहै. यह सिलसिला कई महीनों तक चलता रहता है और रोगी परेशान रहते हैं. गुरुवार को चश्मा लेने आये नारायणपुर गांव के विभास प्रसाद सिंह एवं निरंजन कुमार सिंह ने बताया कि दो महीना पूर्व आंख का जांच कराया था और नेत्र सहायक द्वारा चश्मा देने की बात कही गई थी. लेकिन दो माह बाद भी चश्मा नहीं दिया गया. बार-बार यही कर लौटा दिया जाता है और परेशान किया जाता है. जबकि जुलाई माह से अक्टूबर माह तक सैकड़ों मरीजों के आंखों की जांच की गई. जिसमें कुल 139 मरीजों में मोतियाबिंद पाया गया. लेकिन किसी को भी चश्मा नहीं दिया गया. इस संबंध में नेत्र सहायक शिवानी एवं देव प्रसुन्न ने बताया कि मरीजों को चश्मा की आवश्यकता होने पर भाव्या एप के माध्यम से जिला को रिपोर्ट भेज दी जाती है. इसके बाद विभाग द्वारा कुरियर के माध्यम से चश्मा भेजा जाता है.

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Published by: Anand kumar

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