Munger News : नगर प्रशासन की अनदेखी, खुले में बिक रही है मांस-मछली

नगर प्रशासन की अनदेखी, खुले में बिक रही है मांस-मछली

हवेली खड़गपुर (मुंगेर) से रतन झा की रिपोर्ट, Munger News : खड़गपुर नगर परिषद में बिना लाइसेंस खुले में मांस-मछली की बिक्री धड़ल्ले से जारी है. प्रधान सचिव के निर्देश के बावजूद कार्रवाई कागजों तक सीमित होकर रह गई है.. 21 फरवरी को प्रधान सचिव ने सभी नगर निकायों को खुले में मांस-मछली की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने और स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था. आदेश के लगभग ढ़ाई महीने बीत जाने के बाद भी जमीनी स्थिति नहीं बदली है. शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे खुलेआम मांस-मछली बिक रही है. प्रशासनिक सख्ती के अभाव में दुकानदारों में आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा. स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में मांस-मछली बेचने से दुर्गंध और गंदगी फैलती है, जिससे आसपास रहने वालों को परेशानी होती है. कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है. वहीं प्रशासन की उदासीनता के कारण दुकानदार बीच सड़क पर असुरक्षित तरीके से मांस -मछली बेच रहे हैं, जिससे न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँच रही है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है. हवेली खड़गपुर के अंबेडकर चौक, मुख्य बाजार और कुलकुला स्थान जैसे इलाकों में नजारा बिल्कुल उलट है. सड़कों के किनारे बिना किसी कवर के मछली बेचा जा रहा है.धूल-मिट्टी और मक्खियों के बीच बिक रहा यह मछली बीमारियों का केंद्र बन रहा है. गंदगी को सीधे सड़क पर बहाया जा रहा है, जिससे दुर्गंध से राहगीरों का चलना दूभर है. एक तरफ नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर अपनी पीठ थपथपाती है, वहीं दूसरी तरफ शहर के मुख्य बाजार मे खुले आम बिक रहा मांस-मछली प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है. स्थानीय निवासी अमित केशरी, शंभू केशरी, चैंबर ऑफ़ कॉमर्स अध्यक्ष अंजनी कुमार आदि ने कहा कि सड़क किनारे खुले में मांस-मछली बिकने से मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और शाकाहारी परिवारों को काफी परेशानी होती है. प्रशासन सिर्फ खानापूर्ति के लिए कभी-कभार छापेमारी करता है, लेकिन अगले ही दिन स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है. जब इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी विशाल मोहन से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से खुले में मांस बेचने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा और उनकी दुकानें हटाई जाएंगी. साथ ही उन्होंने बताया जब से प्रतिबंध की बात हुई है तब से लेकर आज तक किसी दुकान ने लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं दिया हैं. दुकानदारों को खुले में मांस मछली बेचने के लिए रॉक एवं लाइसेंस लेने के संबंध में सार्वजनिक रूप से सूचना दी गई है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAVIKANT SINGH

RAVIKANT SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >