राष्ट्रीय लोक अदालत कल, 14,621 वादों की होगी सुनवाई
मुंगेर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आगामी नौ मई को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा. इसमें सुलहनीय वादों का सुलभ निष्पादन किया जायेगा. अधिक से अधिक वादों का निष्पादन हो, इसको लेकर 14 हजार 621 वादों में 20 हजार 510 पक्ष को नोटिस निर्गत कराया गया है.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए इस बार न्यायालय द्वारा 7421 वादों में लगभग 14 हजार 10 नोटिस निर्गत किया गया है. जबकि बैंकों बैंकों एवं अन्य विभागों द्वारा लगभग 7200 वादों में लगभग 6500 नोटिस निर्गत किया गया. वादों के सुलभ निष्पादन के लिए कुल 12 बैंच का गठन किया गया है. सभी बैंच में न्यायिक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुनवाई के लिए की गयी है, जो बैंकिंग, दावा एवं बीमा वाद, वन वाद, सुलहनीय आपराधिक एवं दीवानी वाद, राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले, पेंशन मामले, वैवाहिक वाद, मोटरयान दुर्घटना वाद, विद्युत वाद, पानी विपत्र से संबंधित वाद, दूरभाष वाद, श्रम वाद, यातायात चालान संबंधित वाद एवं मजदूरी वाद मामलों की सुनवाई करेंगे.
राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का होगा निबटारा
मुंगेर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंगेर द्वारा आगामी 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन व्यवहार न्यायालय परिसर एवं एडीआर भवन में किया जायेगा. लोक अदालत में सुलहनीय मामलों के साथ-साथ ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों का भी निष्पादन किया जायेगा. उक्त जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के ट्रैफिक चालान लंबित हैं, वे 8 मई 2026 तक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से संपर्क कर अपने मामलों का निबटारा करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार चालान राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट का भी प्रावधान किया गया है.
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के समाधान को चलेगा विशेष अभियान
मुंगेर. सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निबटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मुंगेर द्वारा विशेष समाधान अभियान चलाया जायेगा. प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर समाधान समारोह 2026 के तहत लंबित मामलों के पक्षकारों को मध्यस्थता के माध्यम से समाधान का अवसर दिया जाएगा. प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि 21 अप्रैल से पूर्व-सुलह बैठकों की शुरुआत कर दी गयी है. वहीं, 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय परिसर में विशेष समाधान समारोह आयोजित होगा. इसमें प्रशिक्षित मध्यस्थ और विधिक अधिकारी पक्षकारों को विवाद निपटाने में सहयोग करेंगे. पक्षकार 31 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं. उन्होंने अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, मुंगेर से संपर्क करने की अपील की.
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