एमयू के 872 करोड़ के घाटे का बजट अनुमोदित, आंशिक हंगामे के बीच सीनेट बैठक संपन्न

मुंगेर विश्वविद्यालय का छठा सीनेट बैठक आंशिक हंगामे के बीच शनिवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ.

संकल्प 10 हजार और आउटसोर्सिंग कर्मियों के बकाये मानदेय का मामला सबसे अधिक रहा चर्चित

मुंगेर. मुंगेर विश्वविद्यालय का छठा सीनेट बैठक आंशिक हंगामे के बीच शनिवार को आरडी एंड डीजे कॉलेज के ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ. जिसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजय कुमार ने की. सीनेट बैठक में विश्वविद्यालय के वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 872 करोड़ रुपये के घाटे के बजट को सीनेट सदस्यों द्वारा ध्वनि मत से अनुमोदित किया गया. हालांकि इस दौरान समय पर बजट की प्रति उपलब्ध नहीं कराने और बिना पूर्व सीनेट बैठक संपुष्टि के ही बजट प्रस्तुत करने पर सीनेट सदस्यों ने नाराजगी जतायी. बैठक का शुभारंभ कुलपति प्रो. संजय कुमार एवं कुलसचिव कर्नल विजय ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया.

कुलपति ने कहा कि सीनेट बैठक विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. मुंगेर विश्वविद्यालय निरंतर प्रगत के पथ पर अग्रसर है. उन्होंने कहा कि सत्र 2022-24 में लगभग 30,500 विद्यार्थी परीक्षा में सम्मलित हुए. जिसमें छात्रों की संख्या 15,391 एवं छात्राओं की संख्या 15,589 रही. छात्राें के पास प्रतिशत का आंकड़ा 88 प्रतिशत रहा. जबकि छात्राओं के पास प्रतिशत का आंकड़ा 84 प्रतिशत रहा. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना के 7 साल बाद भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित हो गयी है. जिसकी घोषणा द्वितीय दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति सह राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने की. वहीं विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को प्रोन्नति दी गयी है. जो स्थापना काल से लंबित था. हालांकि विश्वविद्यालय के पीजी विभागों में शिक्षकों का पद सृजन कुछ कारणों से अबतक नहीं हो पाया है, लेकिन सरकार के सकारात्मक सहयोग से शीध्र ही यह लंबित कार्य भी पूर्ण हो जायेगा. कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय शोध को बढ़ावा देने के लिए पैट-1 के सफल आयोजन के बाद अब पैट-2 प्रक्रिया आरंभ कर रहा है. कई शोधार्थियों ने यूजीसी जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल की है.

कई कार्य प्रगति में आ रही चुनौतियां

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों के साथ इसकी प्रगति की राह में कुछ चुनौतियां आ रही है. जिसे लेकर भी लगातार कार्य किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के आवंटित भूमि पर भवन निर्माण कराने के लिये राशि स्वीकृत कराना एवं बीएसईआईडीसी से डीपीआर तैयार करवा कर यथाशीध्र निर्माण कराना है. इसके अतिरिक्त उन्नत प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम आरूैर ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू किये जाने की योजना है. रोजगारपरक शिक्षा के उदेश्य से भी कई कार्य आरंभ करने की योजना है. महिलाओं, खासकर ग्रामीण महिलाओं के लिए घरेलू उद्वयोगों को बढ़ावा देने को लेकर सर्टिफिकेट कोर्स चलाने जाने की योजना के साथ छात्रों के भविष्य को लेकर कैरियर काउंसलिंग तथा प्लेसमेंट सुविधाओं को भी मजबूत करने की योजना है. बैठक में डीन विनोद कुमार, डा. डीआर सुमन, डा. बीसी पांडेय, सीसीडीडी डा. दिवाकर कुमार, प्रो. अजफर शमसी, डा. शिवकुमार मंडल, आशुतोष कुमार शामिल थे.

वित्त पदाधिकारी ने प्रस्तुत किया बजट

मुंगेर. सीनेट बैठक के दौरान वित्त पदाधिकारी रंजन कुमार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट को रखा. उन्होंने कहा कि यह बजट विवि के शैक्षणिक विकास के लिए आवश्यक है. विश्वविद्यालय का वार्षिक अनुमानित बजट कुल 8 अरब 96 करोड़ 25 लाख 74 हजार 192 रुपये रखा गया है. जिसमें विश्वविद्यालय को कुल 23 करोड़ 51 लाख 47 हजार 440 रुपये की आमदनी दर्शायी गयी है. जिससे एमयू का वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल घाटे का बजट 8 अरब 72 करोड़ 74 लाख 26 हजार 752 रुपये है. इसमें कॉलेज के आधारभूत संरचना के विकास पर 136 करोड़, वेतन मद में 59.57 करोड़, पेंशन मद में 29.99 करोड़, वेतनांतर मद में 12.32 करोड़, अंगीभूत कॉलेजों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय पर 68 करोड़, संविदा कर्मियों पर 32 लाख, अतिथि शिक्षकों मानदेय मद में 5.94 करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान किया गया है.

दो सप्ताह पूर्व बजट की कॉपी नहीं मिलने पर जतायी आपत्ति

मुंगेर. सीनेट बैठक के दौरान एमएलसी अजय कुमार सिंह, विधायक डा. अजय कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, विजय सम्राट के अलावा सीनेट सदस्य विक्की आनंद, सिंडिकेट सदस्य भरत सिंह जोशी आदि ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि हर बार बैठक में यह कहा जाता है कि बैठक से कम से कम 15 दिन पहले सदस्यों को बजट की प्रति उपलब्ध करा दी जाय, परंतु हर बाद विश्वविद्यालय प्रशासन यही गलती दोहराता है. इतना नहीं ही बैठक में पूर्व की बैठक का एक्शन टेकन रिपोर्ट पटल पर रखने से पहले बजट को रखनी की हड़बड़ी विश्वविद्यालय प्रशासन को क्यों है.

जर्जर हो चुका है कॉलेजों का भवन

मुंगेर. विधान पार्षद अजय कुमार सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी अंगीभूत कालेजों का भवन जर्जर हो चुका है तथा भूतबंगला बन गया है. केएसएस कालेज लखीसराय की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कालेज के वरीय शिक्षक के बदले एचएस कालेज के शिक्षक को प्राचार्य बना दिया गया है. जो दो दिन ही कालेज में रहते हैं. सदस्य विक्की आनंद ने परीक्षा के 197 दिन बाद भी स्नातक का परीक्षाफल प्रकाशित नहीं होने, संविदा कर्मी के मानदेय भुगतान, आउटसोर्स कर्मियों के 16 माह के लंबित मानदेय भुगतान का मामला उठाया.

तीन वर्ष से खिलाड़ियों को नहीं मिली राशि

मुंगेर. अभिषेक कुमार बमबम ने अंतर विश्विवद्यालय प्रतियोगिता में अपने खर्च पर जाने वाले खिलाड़ियों को तीन वर्ष से भी अधिक समय से राशि भुगतान नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया, जिसपर कुलपति ने कहा कि यह मामला पहली बार उनकी जानकारी में आया है. कुलपति ने खेल मद की राशि को दोगुना करने की बात कही. इस पर एमएलसी अजय कुमार सिंह ने खिलाड़ियों की लंबित राशि का जल्द भुगतान करने को कहा. कुलपति ने स्वीकार किया कि विश्वविद्यालय के अधिकारियों में आपसी समन्वय की कमी है. सदस्य सह आरडी एंड डीजे कालेज के प्राचार्य प्रो. प्रभात कुमार ने कहा कि कालेज विश्वविद्यालय के प्रश्नों का तुरंत जवाब देता है, पर विश्वविद्यालय कालेज के मार्गदर्शन या पत्राचार का जवाब देने में लंबा समय लगा देता है.

हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज का उठा मामला

मुंगेर. विधायक डा. अजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार का निर्णय है कि सभी अनुमंडल में डिग्री कालेज होना चाहिए, परंतु अब हर प्रखंड में कालेज खोले जाने की जरूरत है. ऐसे में यहां से यह मांग सरकार को भेजी जानी चाहिए कि हर प्रखंड में डिग्री कालेज खुले अथवा प्रखंडों में स्थित संबद्ध कालेजों को सरकारी कालेज में परिवर्तित किया जाये.

एमयू को मिले सरकारी बीएड कॉलेज

मुंगेर. बैठक के दौरान विधायक डा. अजय कुमार सिंह, भरत सिंह जोशी, मो. रहुल्लाह आदि ने विश्वविद्यालय में एक भी सरकारी बीएड कालेज नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि एमयू के अधीन पांच निजी बीएड कालेज संचालित हैं, परंतु एक भी सरकारी बीएड कालेज नहीं है. ऐसे में एमयू में सरकारी बीएड खोले जाने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाये.

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By AMIT JHA

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